अररिया, 20 अक्टूबर 2026। बिहार में चुनावी गतिविधियों के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अररिया में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष और ईमानदारी से काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, जब लोगों का भरोसा संस्थाओं पर कमजोर होता है, तो वे अपनी शिकायतों को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
नवभारत टाइम्स की 19 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत किशोर ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के साथ मतदान की तारीख रविवार के बजाय शुक्रवार को रखे जाने पर भी सवाल उठाए। उनके बयान से बिहार में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने की योजना
अररिया में लोगों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने 10 हजार बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की योजना पर काम करने की बात कही। बिहार में रोजगार लंबे समय से युवाओं और राजनीतिक दलों के लिए प्रमुख मुद्दा रहा है।
हालांकि, इस योजना के तहत किन कंपनियों में नियुक्तियां होंगी, चयन की प्रक्रिया क्या होगी और रोजगार दिलाने की समयसीमा क्या रहेगी, इसकी विस्तृत जानकारी रिपोर्ट में सामने नहीं आई है। योजना के वास्तविक स्वरूप और प्रगति का आकलन विस्तृत घोषणा के बाद ही किया जा सकेगा।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति जताई। SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नामों की जांच और संशोधन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं।
मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा चुनावी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलू हैं। इन विषयों पर किसी भी आरोप का निष्कर्ष संबंधित तथ्यों, आधिकारिक जवाब और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
AIMIM पर भी साधा निशाना
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने अपने बयान में एआईएमआईएम पर भी निशाना साधा। बिहार में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच चुनावी रणनीति, रोजगार और सामाजिक मुद्दों को लेकर बयानबाजी जारी है।
आने वाले दिनों में जन सुराज की रोजगार योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और चुनावी मुद्दों पर पार्टी की आगे की रणनीति पर नजर रहेगी।
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