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UGC-NET 2026: English-Commerce की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर को, Sociology का पेपर 10 सितंबर; केंद्र ने हाईकोर्ट को दी जानकारी

प्रश्नपत्रों में गंभीर गलतियों के बाद NTA ने रद्द किए थे तीन विषयों के पेपर; अब हजारों अभ्यर्थियों को फिर देनी होगी परीक्षा नई दिल्ली: UGC-NET June 2026 के…

UGC-NET 2026: English-Commerce की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर को, Sociology का पेपर 10 सितंबर; केंद्र ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
प्रश्नपत्रों में गंभीर गलतियों के बाद NTA ने रद्द किए थे तीन विषयों के पेपर; अब हजारों अभ्यर्थियों को फिर देनी होगी परीक्षा नई दिल्ली: UGC-NET June 2026 के तीन विषयों की परीक्षा रद्द होने से परेशान अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि English और Commerce की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर 2026 को, जबकि Sociology की परीक्षा 10 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। National Testing Agency (NTA) ने English, Commerce और Sociology के प्रश्नपत्रों में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों के बाद इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। जांच में प्रश्नों में तथ्यात्मक त्रुटियां, अनुवाद संबंधी गलतियां और दूसरी कमियां सामने आई थीं। क्यों रद्द करनी पड़ी तीन विषयों की परीक्षा? UGC-NET June 2026 की परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। शिकायतें खासकर English, Commerce और Sociology के पेपर को लेकर थीं। मामले की समीक्षा के बाद NTA ने इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया। रिपोर्ट के मुताबिक audit में factual और translation errors जैसी समस्याएं सामने आईं। इस फैसले का सीधा असर उन हजारों उम्मीदवारों पर पड़ा है जिन्होंने पहले ही परीक्षा दे दी थी और अब परिणाम का इंतजार कर रहे थे। 9 और 10 सितंबर को होगी Re-Exam दिल्ली हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से नई परीक्षा की तारीखों की जानकारी दी गई। तय कार्यक्रम के मुताबिक: English – 9 सितंबर 2026 Commerce – 9 सितंबर 2026 Sociology – 10 सितंबर 2026 केंद्र की ओर से अदालत को बताया गया कि तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा सितंबर में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों के लिए अब इन तारीखों के अनुसार दोबारा तैयारी करना महत्वपूर्ण होगा। छात्रों ने कहा- हमारे दो महीने बर्बाद हुए परीक्षा रद्द होने से कई अभ्यर्थियों में नाराजगी भी है। कुछ उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा देने के बाद आगे की academic planning शुरू कर दी थी। लेकिन अब दोबारा परीक्षा होने के कारण उनकी तैयारी, PhD admission और दूसरी शैक्षणिक योजनाएं प्रभावित हुई हैं। Indian Express से बात करने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि इस पूरे विवाद ने उनके लगभग दो महीने के समय को प्रभावित किया है। AI से प्रश्नपत्र बनाने के आरोपों पर नया विवाद UGC-NET विवाद में अब Artificial Intelligence (AI) का मुद्दा भी जुड़ गया है। कुछ विशेषज्ञों ने आरोप लगाया है कि प्रश्न तैयार करने या उनके translation में AI का लापरवाही से इस्तेमाल किए जाने के संकेत दिखाई देते हैं। हालांकि NTA ने इन आरोपों से इनकार किया है। एजेंसी की ओर से generative AI से प्रश्नपत्र तैयार किए जाने के दावे को खारिज किया गया है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि UGC-NET का प्रश्नपत्र AI ने बनाया था। यह आरोप और बहस का विषय है, जिसकी NTA ने पुष्टि नहीं की है। Sociology के सवालों पर भी उठे गंभीर सवाल विवाद के दौरान Sociology के प्रश्नपत्र की कुछ गलतियां खास तौर पर चर्चा में रहीं। रिपोर्टों में प्रसिद्ध समाजशास्त्रियों के नामों तक में गलतियां सामने आने की बात कही गई। इसके अलावा पुराने प्रश्नों के दोहराव और भाषा संबंधी समस्याओं पर भी सवाल उठे। ऐसे में सवाल केवल परीक्षा दोबारा कराने का नहीं, बल्कि उस प्रक्रिया का भी है जिसके जरिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार और जांचे जाते हैं। NTA अब बदल रहा Subject Experts चुनने का तरीका विवाद के बाद NTA ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले subject experts के selection process को भी मजबूत करने की तैयारी की है। नई व्यवस्था में experts को चुनने के लिए चार चरणों की screening और verification process अपनाई जा रही है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहतर करना है। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UGC-NET जैसी परीक्षा केवल eligibility test नहीं है। इसके परिणाम का असर Assistant Professor eligibility, Junior Research Fellowship और कई उम्मीदवारों की आगे की academic career planning पर पड़ता है। अभ्यर्थियों को अब क्या करना चाहिए? English, Commerce और Sociology के उम्मीदवारों को अपनी तैयारी दोबारा शुरू कर देनी चाहिए और परीक्षा से संबंधित किसी भी बदलाव के लिए केवल NTA/UGC-NET की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए। Admit Card, examination city और reporting time से संबंधित विस्तृत जानकारी NTA द्वारा जारी होने पर उम्मीदवारों को अपने application details के जरिए उसे जांचना चाहिए। UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर UGC-NET Online का लिंक भी उपलब्ध है। परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल इस पूरे विवाद ने देश की बड़ी competitive examinations की quality-control प्रक्रिया को लेकर फिर बहस शुरू कर दी है। लाखों छात्र महीनों या वर्षों तक ऐसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। एक प्रश्नपत्र में गंभीर गलती होने का मतलब केवल एक गलत सवाल नहीं होता—उससे परीक्षा परिणाम, admission, fellowship और उम्मीदवार की पूरी academic planning प्रभावित हो सकती है। इसीलिए UGC-NET 2026 का विवाद NTA के लिए एक बड़ी परीक्षा भी बन गया है। अब 9 और 10 सितंबर की re-examination में NTA के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिना किसी विवाद के सही और गुणवत्तापूर्ण प्रश्नपत्र के साथ परीक्षा आयोजित कराने की होगी।

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