अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
432 लीटर नेपाली शराब और नाव जब्त: तस्कर अंधेरे और नदी का फायदा उठाकर नेपाल भागे, भपटियाही थाना को सौंपा सामानबिहार की 20 हजार महिलाओं का कमाल, बकरियों से खड़ा किया 15 करोड़ का कारोबार; 2021 में शुरू हुआ सफरबिहार MLC चुनाव में कांग्रेस- आरजेडी फ्रेंडली फाइट पर ताली क्यों पीट रहा NDA? जानिए अंदरखाने क्या चल रही चर्चाई-रिक्शा में 150 बोतल शराब के साथ चालक गिरफ्तार: SSB ने हरलाखी में भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा, न्यायिक हिरासत...बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 3 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार'वोट देने का गुनाह आपके सिर', प्रशांत किशोर ने MLC चुनाव में वोटरों को दिया 'हॉट लाइन' का फॉर्मूला, NDA में टेंशनबिहार लाइब्रेरी एसोसिएशन ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शनबिहार का चकाई एथेनॉल प्लांट मार्च 2027 तक शुरू होगा : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीMuzaffarpur News: बीआरएबीयू: परीक्षाओं की कतार, रिजल्ट का इंतजारबिहार में बाढ़ से फसल नुकसान पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान, 18 जिलों के किसानों को दुर्गा पूजा से...आजतक की खबर का असर: दरभंगा के प्राइमरी स्कूल को शिफ्ट करने का आदेश, अब गोसवा में चलेंगी क्लास432 लीटर नेपाली शराब और नाव जब्त: तस्कर अंधेरे और नदी का फायदा उठाकर नेपाल भागे, भपटियाही थाना को सौंपा सामानबिहार की 20 हजार महिलाओं का कमाल, बकरियों से खड़ा किया 15 करोड़ का कारोबार; 2021 में शुरू हुआ सफरबिहार MLC चुनाव में कांग्रेस- आरजेडी फ्रेंडली फाइट पर ताली क्यों पीट रहा NDA? जानिए अंदरखाने क्या चल रही चर्चाई-रिक्शा में 150 बोतल शराब के साथ चालक गिरफ्तार: SSB ने हरलाखी में भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा, न्यायिक हिरासत...बिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 3 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार'वोट देने का गुनाह आपके सिर', प्रशांत किशोर ने MLC चुनाव में वोटरों को दिया 'हॉट लाइन' का फॉर्मूला, NDA में टेंशनबिहार लाइब्रेरी एसोसिएशन ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शनबिहार का चकाई एथेनॉल प्लांट मार्च 2027 तक शुरू होगा : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीMuzaffarpur News: बीआरएबीयू: परीक्षाओं की कतार, रिजल्ट का इंतजारबिहार में बाढ़ से फसल नुकसान पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा का बड़ा ऐलान, 18 जिलों के किसानों को दुर्गा पूजा से...आजतक की खबर का असर: दरभंगा के प्राइमरी स्कूल को शिफ्ट करने का आदेश, अब गोसवा में चलेंगी क्लास

Article Advertisement

Business

'शराबबंदी से गरीबों पर अत्याचार..मिल रहा तस्करी को बढ़ावा'.. पटना हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

'शराबबंदी से गरीबों पर अत्याचार..मिल रहा तस्करी को बढ़ावा'.. पटना हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी पटना हाईकोर्ट ने बिहार में शराबबंदी को लेकर हुई सुनवाई में बड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि शराबबंदी में कई खामियां हैं- पटना : बिहार की पटना हाईकोर्ट ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून के नकारात्मक पक्ष क

'शराबबंदी से गरीबों पर अत्याचार..मिल रहा तस्करी को बढ़ावा'.. पटना हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

Article Advertisement

'शराबबंदी से गरीबों पर अत्याचार..मिल रहा तस्करी को बढ़ावा'.. पटना हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी पटना हाईकोर्ट ने बिहार में शराबबंदी को लेकर हुई सुनवाई में बड़ी टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा है कि शराबबंदी में कई खामियां हैं- पटना : बिहार की पटना हाईकोर्ट ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून के नकारात्मक पक्ष को सामने रखते हुए कहा कि इससे काफी अन्य समस्याएं उत्पन्न हुई हैं. जस्टिस पूर्णेन्दु सिंह ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ''बिहार में शराबबंदी कानून की कमियां सामने आयी हैं.'' पुलिस अधिकारी मुकेश कुमार की याचिका पर पटना हाईकोर्ट ने शराबबंदी कानून की कमियां और खामिया बताईं. 'शराबबंदी में आ गई कई कमियां' : कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 में राज्य का कर्तव्य नागरिकों के जीवन स्तर को उठाना है. व्यापक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करना है. कोर्ट ने कहा कि राज्य ने इसी उद्देश्य के लिए बिहार मद्य निषेध व उत्पाद शुल्क अधिनियम 2016 को लागू किया, लेकिन कई कारणों से इसमें कमियां आ गयी. 'शराबबंदी से तस्करी को मिला बढ़ावा' : कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि वास्तव में शराबबंदी ने शराब व अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के अनाधिकृत व्यापार (तस्करी) को बढ़ावा दिया. कानून लागू करने वाली एजेंसियों को धोखा देने के लिए नये-नये तरीके विकसित किये गए. जिससे न सिर्फ तस्करी करने में सुगमता हो, बल्कि इसे रोकने वाली संस्थाओं को भी ध्वस्त किया जा सके. 'मोटी कमाई..अधिकारी भी पसंद करते हैं शराबबंदी' : कोर्ट ने ये स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारी, उत्पाद शुल्क अधिकारी ही नहीं, बल्कि राज्य कर विभाग व परिवहन विभाग के अधिकारी भी मोटी कमाई के मद्देनज़र शराबबंदी को पसंद करते हैं. शराबबंदी कानून के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ दर्ज मामले काफी कम हैं. 'शराबबंदी से गरीबों पर अत्याचार' : शराब पीने वाले गरीबों व अवैध त्रासदी के विरुद्ध दर्ज मामलों की तुलना में किंगपिन/सिंडिकेट संचालकों की तुलना में कहीं अधिक है. इस कानून का दंश राज्य के अधिकांश गरीब लोग झेल रहे हैं, उनके जीवनयापन का सहारा दिहाड़ी मजदूरी है और अधिकांश अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं. जानें पूरा मामला : पटना बाय पास थाना में मुकेश कुमार पासवान पुलिस अधिकारी थे. उनके थाना से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर शराब बरामदगी हुई. उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने छापा मारकर कर 4 लाख रुपए की शराब बरामद किया. पुलिस अधिकारी मुकेश कुमार पासवान को इस मामले में निलंबित कर दिया गया. उन्होंने इस आदेश को पटना हाईकोर्ट याचिका दायर कर चुनौती दी. इसी मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार पर शराबबंदी कानून की कमियां और समस्याएं बताईं.  

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read