अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम, 19-20 अगस्त को बढ़ सकती है बारिश; सीमांचल में आज राहतपटना में RJD का प्रदर्शन उग्र, तेजस्वी यादव और मीसा भारती हिरासत में; पुलिस ने चलाया वाटर कैननपटना की सड़कों पर उतरे तेजस्वी यादव: पेपर लीक और छात्र फायरिंग के खिलाफ RJD का लोक भवन मार्च, 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनातCyber Fraud पर बड़ा वार: ₹25,698 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन रोकने में मदद, जानिए क्या है सरकार का Suspect Registry सिस्टमIND vs PAK Hockey World Cup 2026: आज भारत-पाकिस्तान की महामुकाबला, हार से बिगड़ सकता है टीम इंडिया का खेलZindagi Na Milegi Dobara 2 पर बड़ा अपडेट: Zoya Akhtar ने किया कन्फर्म, फिर साथ आ सकते हैं Hrithik-Farhan-Abhayआवाज की दुनिया के श्रोता: मधुर गीत-संगीत, सुखमय जीवन का आधारUS-Iran तनाव का भारत पर असर: कच्चा तेल $91 के पार, Sensex 493 अंक टूटा; महंगाई बढ़ने का खतराभारत-नेपाल सीमा के पास 20 किलो गांजा जब्त, चार गिरफ्तार"इसे कहते हैं राजनीति का समाज पर असर", बिहार में शराबबंदी रहे या खत्म हो? पद्मश्री सुरेंद्र किशोर ने सुनाया...420 बोतल शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार: भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने की कार्रवाईमोदी कैबिनेट के पांच बड़े फैसले, बिहार को मिला सबसे बड़ा तोहफा: इन जिलों की तो लग गई लॉटरी!Bihar Weather: बिहार में फिर बदलेगा मौसम, 19-20 अगस्त को बढ़ सकती है बारिश; सीमांचल में आज राहतपटना में RJD का प्रदर्शन उग्र, तेजस्वी यादव और मीसा भारती हिरासत में; पुलिस ने चलाया वाटर कैननपटना की सड़कों पर उतरे तेजस्वी यादव: पेपर लीक और छात्र फायरिंग के खिलाफ RJD का लोक भवन मार्च, 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनातCyber Fraud पर बड़ा वार: ₹25,698 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन रोकने में मदद, जानिए क्या है सरकार का Suspect Registry सिस्टमIND vs PAK Hockey World Cup 2026: आज भारत-पाकिस्तान की महामुकाबला, हार से बिगड़ सकता है टीम इंडिया का खेलZindagi Na Milegi Dobara 2 पर बड़ा अपडेट: Zoya Akhtar ने किया कन्फर्म, फिर साथ आ सकते हैं Hrithik-Farhan-Abhayआवाज की दुनिया के श्रोता: मधुर गीत-संगीत, सुखमय जीवन का आधारUS-Iran तनाव का भारत पर असर: कच्चा तेल $91 के पार, Sensex 493 अंक टूटा; महंगाई बढ़ने का खतराभारत-नेपाल सीमा के पास 20 किलो गांजा जब्त, चार गिरफ्तार"इसे कहते हैं राजनीति का समाज पर असर", बिहार में शराबबंदी रहे या खत्म हो? पद्मश्री सुरेंद्र किशोर ने सुनाया...420 बोतल शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार: भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने की कार्रवाईमोदी कैबिनेट के पांच बड़े फैसले, बिहार को मिला सबसे बड़ा तोहफा: इन जिलों की तो लग गई लॉटरी!

Article Advertisement

boloindia.in
World

2024 नहीं भूलीं ममता बनर्जी, फिर बना दिल्ली प्लान, तमिलनाडु से कर सकती हैं आगाज

2024 नहीं भूलीं ममता बनर्जी, फिर बनाया दिल्ली प्लान, तमिलनाडु से कर सकती हैं आगाज क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर विपक्षी दलों को जोड़ने निकली हैं? हालांकि, उन्होंने या तृणमूल कांग्रेस ने भी तक इसे लेकर साफतौर से कुछ नहीं कहा है, लेकिन सीएम बनर्जी का संभावित तमिलनाडु दौरा इस

2024 नहीं भूलीं ममता बनर्जी, फिर बना दिल्ली प्लान, तमिलनाडु से कर सकती हैं आगाज
2024 नहीं भूलीं ममता बनर्जी, फिर बनाया दिल्ली प्लान, तमिलनाडु से कर सकती हैं आगाज क्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर विपक्षी दलों को जोड़ने निकली हैं? हालांकि, उन्होंने या तृणमूल कांग्रेस ने भी तक इसे लेकर साफतौर से कुछ नहीं कहा है, लेकिन सीएम बनर्जी का संभावित तमिलनाडु दौरा इस बात के संकेत दे रहा है। खबर है कि टीएमसी सुप्रीमो दक्षिण भारतीय राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात कर सकती हैं। बनर्जी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एलए गणेशन के बड़े भाई के जन्मदिन समारोह में शामिल होने चेन्नई जा रही हैं। वह बुधवार को सीएम स्टालिन से मुलाकात कर सकती हैं। अब राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बनर्जी विपक्ष का चेहरा बनने के लिए दांव चल रही है। हालांकि, जनता के रुपयों पर निजी कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर विपक्ष ने टीएमसी प्रमुख पर सवाल उठाए हैं। पहले भी थी बड़ी तैयारियां! बीते साल दिसंबर तक बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ विपक्ष का आधार बनने के प्रयास किए। इससे पहले साल 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत ने भी उनकी कोशिशों को बल दिया। उन्होंने भाजपा के खिलाफ खुद को विपक्ष का प्रमुख चेहरा साबित करने के लिए जमकर दौरे किए। उस दौरान वह कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार तक से मिलीं। इधर, उनकी पार्टी भी अन्य दलों के नेताओं को शामिल कर विस्तार करती रही। सितंबर में भी दिए संकेत सितंबर में हुई टीएमसी की एक रैली में बनर्जी ने दावा किया था कि वह 2024 में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष और क्षेत्रीय नेताओं के साथ हाथ मिलाएंगी। उन्होंने कहा था, 'सभी विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए साथ आएंगे। हम सभी एक तरफ होंगे और भाजपा दूसरी तरफ होगी।' उन्होंने 2024 चुनाव में 'खेला होने' की बात कही थी। क्या हैं आगे की तैयारियां इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पार्टी सूत्रों ने बताया है कि टीएमसी क्षेत्रीय दलों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'नेतृत्व ने 2024 लोकसभा चुनाव के लिए अपने मकसद से कभी नजरें नहीं हटाई हैं। इस दौरान ऐसी कई चीजें हुईं, जहां पार्टी को ध्यान लगाना पड़ा। इन चीजों को एक बार खत्म होने के बाद पार्टी निश्चित रूप से अपनी राष्ट्रीय योजनाएं फिर शुरू करेगी।' प्रदेश महासचिव कुणाल घोष राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की कम गतिविधियों का जिम्मेदार त्योहारों को मान रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एक बार यह त्योहार का सीजन खत्म हो जाएगा, तो नेतृत्व राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपना शुरू कर देगा। हमारी राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी आंखों की सर्जरी के बाद अमेरिका से वापस आ गए हैं। वह पूरी तरह उपलब्ध हो जाएं, इसके बाद पार्टी अपनी योजनाओं पर जोर देगी।' विपक्ष ने साधा निशाना पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने बनर्जी के दौरे को 'भारतीय राजनीति में अपनी खराब हुई साख को बहाल करने का तरीका बताया।' चौधरी ने पीटीआई/भाषा से कहा, 'मुझे वजह समझ नहीं आती है कि बनर्जी राज्यपाल के परिवार में किसी की जन्मदिन पार्टी के लिए चेन्नई क्यों जा रही हैं। मुझे लगता है कि यह केन्द्र सरकार के साथ संबंधों को सुधारने का तरीका है ताकि पश्चिम बंगाल को फिर से जगदीप धनखड़ जैसा राज्यपाल ना मिले।' बनर्जी और द्रमुक अध्यक्ष स्टालिन के बीच मुलाकात की वजह पर कांग्रेस नेता ने कहा, 'दीदी (बनर्जी) को पता है कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी साख खत्म हो गई है। उन्होंने पहले भी कई नेताओं के साथ ऐसी बैठकें की हैं, लेकिन सब बुरी तरह असफल रहीं। यही वजह है कि उन्होंने स्टालिन के साथ यह तथा-कथित बैठक की योजना बनायी है। मैं इसे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी खोई हुई साख पाने के उनके प्रयास के रूप में देखता हूं।' राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा भी बनर्जी की चेन्नई यात्रा पर माकपा जैसे ही विचार रखते हैं। उनका कहना है कि बनर्जी और स्टालिन के बीच यह मुलाकात बेमतलब है। सिन्हा ने पीटीआई/भाषा से कहा, 'वह गोवा, त्रिपुरा और असम गईं और कहीं उन्हें कुछ नहीं मिला। यहां मुद्दा यह है कि बंगाल से बाहर तृणमूल कांग्रेस प्रासंगिक नहीं है। वह देश घूम सकती हैं, लेकिन उससे कुछ फायदा नहीं होने वाला।' उन्होंने कहा कि बनर्जी को स्टालिन और अन्य लोगों से मिलने से पहले बंगाल में अपनी पार्टी को देखना चाहिए।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

boloindia

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read