अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
भारत-नेपाल बॉर्डर पर बवाल, अररिया में मुहर्रम जुलूस में पथराव से मची भगदड़भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और पुलिस का नशा मुक्ति अभियान, युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील75 लीटर डीजल के साथ नेपाली तस्कर गिरफ्तार: भारत-नेपाल सीमा पर लोटन पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई, बाइ...बिहार के कई जिलों में होगी तेज बारिश, कहां आंधी-तूफान का खतरा? मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टक्या था ऑपरेशन सिंदूर जिसमें शहीद हुए बिहार के लाल सुनील सिंह? पहली बार सार्वजनिक हुए 6 वीरों के नामPatna Coaching Firing Case: खान सर को 30 जून तक राहत; पुलिस ने कोर्ट में पेश की अपडेटेड केस डायरीBihar News: फैजल खान को अब 30 जून तक राहत, तब तक गिरफ्तारी लगी रही रोक; अंगरक्षकों को नहीं मिली जमानतबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 27 जून के मुख्य और ताजा समाचारबिहार के रोहतास में नहर से मिली महिला की लाश, नहीं हो पाई शिनाख्त... पुलिस हर एंगल से कर रही जांचभारत-नेपाल सीमा पर मुहर्रम जुलूस में बवाल, ताजिया के दौरान पथराव; आधा दर्जन घायलPatna News Live Updates: पटना में बारिश और आंधी का अलर्ट, पढ़ें बिहार की ताजातरीन खबरेंभारत-नेपाल बॉर्डर पर बवाल, अररिया में मुहर्रम जुलूस में पथराव से मची भगदड़भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और पुलिस का नशा मुक्ति अभियान, युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील75 लीटर डीजल के साथ नेपाली तस्कर गिरफ्तार: भारत-नेपाल सीमा पर लोटन पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई, बाइ...बिहार के कई जिलों में होगी तेज बारिश, कहां आंधी-तूफान का खतरा? मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टक्या था ऑपरेशन सिंदूर जिसमें शहीद हुए बिहार के लाल सुनील सिंह? पहली बार सार्वजनिक हुए 6 वीरों के नामPatna Coaching Firing Case: खान सर को 30 जून तक राहत; पुलिस ने कोर्ट में पेश की अपडेटेड केस डायरीBihar News: फैजल खान को अब 30 जून तक राहत, तब तक गिरफ्तारी लगी रही रोक; अंगरक्षकों को नहीं मिली जमानतबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 27 जून के मुख्य और ताजा समाचारबिहार के रोहतास में नहर से मिली महिला की लाश, नहीं हो पाई शिनाख्त... पुलिस हर एंगल से कर रही जांचभारत-नेपाल सीमा पर मुहर्रम जुलूस में बवाल, ताजिया के दौरान पथराव; आधा दर्जन घायलPatna News Live Updates: पटना में बारिश और आंधी का अलर्ट, पढ़ें बिहार की ताजातरीन खबरें

Article Advertisement

boloindia.in
Bihar

सरबेला चकला का नाम बदलकर हुआ फरीदगंज, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रखंड कार्यालय का घेराव

Published: 13/07/2025, 05:53:54 pm15 viewsSeemanchal Live

बनमा ईटहरी (सहरसा): बिहार के सहरसा ज़िले के बनमा ईटहरी प्रखंड में एक गांव के नाम परिवर्तन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। सरबेला चकला नाम के गांव को मतदाता सूची में ‘फरीदगंज’ के रूप में दर्ज किया गया, जिससे ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। शनिवार को दर्जनों महिला-पुरुषों ने एकजुट होकर प्रखंड कार्य

सरबेला चकला का नाम बदलकर हुआ फरीदगंज, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रखंड कार्यालय का घेराव
बनमा ईटहरी (सहरसा): बिहार के सहरसा ज़िले के बनमा ईटहरी प्रखंड में एक गांव के नाम परिवर्तन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। सरबेला चकला नाम के गांव को मतदाता सूची में ‘फरीदगंज’ के रूप में दर्ज किया गया, जिससे ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। शनिवार को दर्जनों महिला-पुरुषों ने एकजुट होकर प्रखंड कार्यालय का घेराव किया। 📢 ग्रामीणों का आरोप: साजिश के तहत बदला गया नाम गजेंद्र सादा और पंचायत समिति सदस्य गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बीडीओ गुलशन कुमार झा से मुलाकात की और नाम बदलने को साजिश बताया। उनका कहना है कि— “हमारे सभी दस्तावेज, आधार कार्ड, जमीन का कागज़—सभी में ‘सरबेला चकला’ ही लिखा है। कुछ लोगों ने जनसंख्या आंकड़ों को बढ़ाने के उद्देश्य से गांव का नाम बदलवा दिया है।” 👩‍🌾 प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों में शामिल रहे: निर्मला देवी, रिंकू देवी, राजो देवी, भिखनी देवी, नीला देवी, सविता देवी, उमा देवी, रुको देवी, मीना देवी, घोलती देवी, पारो देवी, श्रद्धा देवी, कारी देवी, दिलीप राम, नंदन कुमार, सुशील कुमार, संतु पासवान और राजीव कुमार। 🗣️ बीडीओ का आश्वासन: जांच कर रहे हैं प्रदर्शन के बाद बीडीओ गुलशन कुमार झा ने कहा: “ग्रामीणों की शिकायत मिली है। मतदाता सूची में गांव के नाम को लेकर अंतर सामने आया है। पहले क्या नाम था और अब क्या दिखाया जा रहा है—इसकी पूरी जांच करवाई जा रही है।” ✅ स्थिति हुई शांत बीडीओ के जांच और सुधार के आश्वासन के बाद मामला तत्काल शांत हो गया , लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सुधार नहीं हुआ तो वे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करेंगे। 📌 निष्कर्ष: इस घटना ने मतदाता सूची की सटीकता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की भावनाएं और पहचान से जुड़े इस मामले में त्वरित समाधान जरूरी है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक विश्वास बना रहे।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

boloindia

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read