चौसा. कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से चौसा प्रखंड के आठ पंचायतों के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं
जिससे करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित है। बाढ़ के पानी के कारण कई स्कूलों में पठन-पाठन ठप हो गया है, जबकि दो दर्जन से अधिक परिवार पुल-पुलिया पर मवेशी लेकर शरणस्थली बनाये हुए हैं।
फुलौत पूर्वी पंचायत के बड़ीखाल, बरबिगिही पिहोरा बासा, मोरसंडा पंचायत के अमनी करेलिया, मुसहरी, जपती टोला, कदवा टोला, रामचरण टोला, लौआलगान पूर्वी पंचायत के बुटनी धार, पोद्दार जी धार, महंत बाबा धार और मुसहरी धार में पानी फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, पूरा इलाका जल्द ही जलमग्न हो जायेगा।
फुलौत पश्चिमी पंचायत के तीयर टोला के दो दर्जन से अधिक परिवार पुलिया को अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित परिवार और जनप्रतिनिधि ने जिला पदाधिकारी से तत्काल राहत सामग्री और मवेशी चारा उपलब्ध कराने की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पायी है।
धूमावती स्थान से एनएच 106 तक ग्रामीण सड़क पर एक से दो फीट पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। पशुपालक चारे की किल्लत को देखते हुए मवेशियों को उच्च स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं मोरसंडा के रामचरण टोला में मुखिया द्वारा नाव की मांग की गयी, लेकिन देने से इंकार कर दिया गया।
अंचलाधिकारी शशिकांत यादव ने बताया कि बाढ़ से संबंधित हर प्रकार की रिपोर्ट जिला भेजी जा रही है। वरीय अधिकारी के आदेशानुसार ही नाव या अन्य सहायता बाढ़ प्रभावित परिवारों को उपलब्ध करायी जाएगी।



