पाकिस्तान में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अब तक की जानकारी के अनुसार 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
सबसे ज्यादा नुकसान बुनेर जिले में हुआ, जहां अकेले 157 लोगों की जान गई है। इसके अलावा स्वात, शांगला, बाजौर, लोअर दीर, बट्टाग्राम और मनसेहरा जिलों में भी बड़े पैमाने पर तबाही मची है। सड़कों, पुलों, घरों और स्कूलों सहित बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
बचाव और राहत कार्य जारी
प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है। 1122 टीमों को राहत कार्यों में लगाया गया है। अब तक 2071 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनमें लगभग 300 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं। दूरदराज़ इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हेलीकॉप्टर क्रैश में 5 की मौत
राहत कार्यों के दौरान लगाया गया MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें चालक दल के पांच सदस्यों की मौत हो गई। उनकी याद में एक दिन का शोक घोषित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने बुलाई आपात बैठक
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आपात बैठक बुलाई और आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि सभी प्रभावित लोगों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। अधिकारियों के मुताबिक, 26 जून से अब तक बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 556 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।



