नई दिल्ली | 19 सितंबर 2025
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख 16 सितंबर 2025 पूरी हो चुकी है। लाखों करदाता अब अपने इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) का इंतजार कर रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी लोगों के मन में यही सवाल है कि आखिर रिफंड कब तक मिलेगा?
ITR Refund प्रोसेस कैसे होता है?
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रिफंड प्रोसेस तब शुरू होता है, जब आपका ITR सफलतापूर्वक ई-वेरिफाई (e-verify) हो जाता है।
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साधारण मामलों में रिफंड कुछ ही दिनों में मिल जाता है। कई करदाताओं को उसी दिन रिफंड मिल गया, खासकर जब रकम कम होती है।
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सामान्य तौर पर 4-5 हफ्तों में रिफंड क्रेडिट हो जाता है।
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विभाग के नियमों के अनुसार यह प्रक्रिया Section 143(1) के तहत आंतरिक जांच पर निर्भर करती है।
रिफंड लेट क्यों हो सकता है?
रिफंड लेट होने के कई कारण हो सकते हैं:
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अगर आपके रिटर्न में कैपिटल गेन या बिज़नेस इनकम शामिल है।
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अधिक डिडक्शन या छूट (deductions & exemptions) क्लेम करने पर।
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आयकर विभाग द्वारा डिटेल्स को क्रॉस-चेक करने में समय लगना।
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किसी भी विसंगति (discrepancy) पाए जाने पर विभाग द्वारा नोटिस भेजा जा सकता है।
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, जबकि कुछ लोगों को एक हफ्ते में ही रिफंड मिल जाता है, वहीं बड़े या जटिल मामलों में इसमें 1 महीने तक का समय लग सकता है।
ब्याज भी मिलेगा अगर रिफंड लेट हुआ
अगर आपका रिफंड तय समय पर नहीं मिलता है, तो आयकर विभाग आपको 6% वार्षिक ब्याज देता है। यह ब्याज आकलन वर्ष की 1 अप्रैल से गिना जाता है।
क्या रिफंड पर कोई लिमिट है?
नहीं। रिफंड पर कोई सीमा नहीं है। आपने जितना भी अतिरिक्त टैक्स (TDS, Advance Tax या Self-Assessment) भरा है, उतना ही रिफंड मिलेगा।
निष्कर्ष
👉 अगर आपने सही तरीके से ITR फाइल और ई-वेरिफाई किया है, तो अधिकतर मामलों में कुछ हफ्तों में रिफंड आपके बैंक खाते में आ जाएगा।
👉 कम मामलों में यह उसी दिन भी क्रेडिट हो सकता है।
👉 अगर ज्यादा समय लगता है, तो आपको ब्याज का लाभ भी मिलेगा।



