नयी दिल्ली | 18 सितंबर 2025
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार को कड़ा बयान जारी किया। आयोग ने कहा कि “मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत और निराधार हैं।”
क्या कहा निर्वाचन आयोग ने?
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निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि “कोई भी वोट केवल ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं हटाया जा सकता।”
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किसी भी नाम को हटाने से पहले संबंधित व्यक्ति का पक्ष सुनना और ड्यू प्रोसेस (due process) का पालन करना अनिवार्य है।
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आयोग ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाना एक पारदर्शी और बहु-स्तरीय प्रक्रिया है, जिसे बिना कारण या सबूत के संभव नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी का आरोप क्या था?
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राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि:
“जहां कांग्रेस मजबूत है, वहां योजनाबद्ध तरीके से वोटरों के नाम काटे गए। दलितों और अल्पसंख्यकों को टारगेट किया गया।”
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उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त “वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं।”
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राहुल का दावा था कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, यूपी और हरियाणा जैसे राज्यों में “बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए।”
आयोग ने क्यों दी सफाई?
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राहुल गांधी के इन आरोपों से पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे थे।
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आयोग ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने का काम स्थानीय स्तर पर सत्यापन और नोटिस प्रक्रिया के बाद ही होता है।
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ऑनलाइन डेटा या सॉफ़्टवेयर के आधार पर सीधे नाम हटाना संभव नहीं है।
बड़ा सवाल
राहुल गांधी और कांग्रेस अब भी चुनावी धांधली का मुद्दा उठा रहे हैं। वहीं निर्वाचन आयोग का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और नियमों के मुताबिक है। अब देखना होगा कि यह मामला आने वाले बिहार और झारखंड चुनाव में कितना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता है।



