किशनगंज:
बिहार के किशनगंज जिले से एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक आवासीय बालिका विद्यालय में देर रात परोसे गए हलवा खाने से 16 से अधिक छात्राएं फूड प्वाइजनिंग की शिकार हो गईं। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
यह मामला सदर प्रखंड के खड़ी बस्ती में संचालित ओबीसी प्लस 2 आवासीय बालिका विद्यालय के हॉस्टल का है। जानकारी के अनुसार, रात के खाने में छात्राओं को हलवा परोसा गया था। हलवा खाने के कुछ समय बाद ही कई छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।
धीरे-धीरे बीमार छात्राओं की संख्या बढ़ती गई, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर सभी छात्राओं को किशनगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
बीमार पड़ी छात्राएं
फूड प्वाइजनिंग की चपेट में आई छात्राओं में
नंदनी कुमारी (12), राज प्रिया (12), स्वीटी (12), लक्ष्मी (12), राखी (12), सलोनी (11), शिवानी (11), शारदा (14), प्रीति प्रिया (11), वर्षा रानी (11), शिवानी भारती (14), सोनाक्षी प्रिया (13) सहित अन्य छात्राएं शामिल हैं।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
सदर अस्पताल के डॉक्टर गौरव कुमार ने बताया,
“कुल 16 बच्चियां फूड प्वाइजनिंग की शिकार हैं। सभी का इलाज चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।”
छात्राओं का बयान
बीमार छात्राओं ने बताया कि,
“रात के खाने में हलवा दिया गया था। हलवा खाने के बाद अचानक पेट दर्द और उल्टी शुरू हो गई। वार्डन को बताया गया, जिसके बाद हमें अस्पताल लाया गया।”
स्कूल की लापरवाही पर सवाल
यह आवासीय विद्यालय कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। घटना की सूचना मिलने के बाद कल्याण पदाधिकारी, अन्य अधिकारी और सदर एसडीओ देर रात अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
सदर एसडीओ अनिकेत कुमार ने कहा,
“रात में कुछ भोजन खाने के बाद बच्चियां फूड प्वाइजनिंग की शिकार हुई हैं। सभी बच्चियां अब ठीक हैं। इलाज के बाद मामले की जांच की जाएगी कि लापरवाही किस स्तर पर हुई।”
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।



