एनआईए की बड़ी कार्रवाई, आतंकी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
असम में पाकिस्तानी आतंकी संगठन का मॉड्यूल स्थापित करने के जुर्म में एक व्यक्ति को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। यह सजा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की ओर से की गई गहन जांच और मजबूत पैरवी के बाद सुनाई गई।
एनआईए ने बुधवार को बताया कि गुवाहाटी स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने आरोपी को आतंकवाद-रोधी कानून के तहत दोषी ठहराया है।
यह फैसला देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
एनआईए विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
एनआईए के अनुसार, अदालत ने मोहम्मद कमरुज जमान उर्फ कमरुद्दीन को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी को तीन अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि:
तीनों मामलों में दी गई सजाएं साथ-साथ (Concurrent) चलेंगी।
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन से था सीधा संबंध
एनआईए की जांच में सामने आया कि दोषी व्यक्ति का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन से था और उसने असम में आतंकी मॉड्यूल स्थापित करने की साजिश रची थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी:
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आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने
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नए सदस्यों की भर्ती
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कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने
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देश की सुरक्षा को कमजोर करने
जैसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।
आतंकवाद-रोधी कानून के तहत दोष सिद्ध
एनआईए ने आरोपी के खिलाफ UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) समेत अन्य सख्त आतंकवाद-रोधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
लंबी सुनवाई और सबूतों के आधार पर अदालत ने माना कि:
आरोपी ने जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से देश की संप्रभुता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
असम और पूर्वोत्तर में आतंकी गतिविधियों पर लगाम
यह मामला असम और पूर्वोत्तर भारत में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह इलाका पहले भी सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क के निशाने पर रहा है।
एनआईए की इस कार्रवाई से:
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आतंकी नेटवर्क कमजोर पड़ेगा
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नए मॉड्यूल बनने पर रोक लगेगी
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सीमा पार साजिशों को करारा झटका लगेगा
एनआईए का आधिकारिक बयान
एनआईए ने अपने बयान में कहा:
“असम के गुवाहाटी में एनआईए की विशेष अदालत ने मोहम्मद कमरुज जमान उर्फ कमरुद्दीन को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन का मॉड्यूल स्थापित करने के जुर्म में दोषी ठहराया है। आरोपी को तीन मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।”
देश की सुरक्षा के लिए अहम फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में कड़ी सजा आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है। इससे न सिर्फ आतंकी संगठनों का मनोबल टूटता है, बल्कि देश में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार यह संदेश दे रही हैं कि:
👉 आतंकवाद के लिए भारत में कोई जगह नहीं है।
आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
एनआईए ने संकेत दिया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय आतंकी स्लीपर सेल और मॉड्यूल के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया, फंडिंग नेटवर्क और सीमा पार संपर्कों पर भी कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
❓ आरोपी को किस जुर्म में सजा मिली?
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन का मॉड्यूल स्थापित करने के जुर्म में।
❓ सजा किसने सुनाई?
गुवाहाटी स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने।
❓ आरोपी का नाम क्या है?
मोहम्मद कमरुज जमान उर्फ कमरुद्दीन।



