नवादा:
बिहार के नवादा जिले से एक दिल दहला देने वाली और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। रोह प्रखंड के कोशी गांव में एक ग्रामीण डॉक्टर की नृशंस हत्या कर दी गई। हत्या के बाद अपराधियों ने शव को दो हिस्सों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर जलाया, ताकि पहचान मिटाई जा सके। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग भय व आक्रोश के माहौल में हैं।
मृतक की पहचान अशोक मिस्त्री (45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पिछले करीब 10 वर्षों से ग्रामीण मेडिकल प्रैक्टिशनर के तौर पर कोशी और आसपास के गांवों में चिकित्सा सेवा दे रहे थे। वे क्षेत्र में एक भरोसेमंद डॉक्टर के रूप में जाने जाते थे और गरीब ग्रामीणों के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे।
गन्ने के खेत से बरामद हुआ जला हुआ शव
शुक्रवार सुबह गांव से लगभग 500 मीटर दूर एक गन्ने के खेत में जला हुआ शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव कमर के पास से दो टुकड़ों में कटा हुआ है और दोनों हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर जलाया गया है। शव की हालत इतनी खराब थी कि शुरुआत में पहचान कर पाना मुश्किल हो गया।
बाद में कपड़ों के अवशेष और चेहरे के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान अशोक मिस्त्री के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पहले बेरहमी से पिटाई, फिर हत्या की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि हत्या से पहले डॉक्टर अशोक मिस्त्री के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। आशंका है कि अपराधियों ने पहले उन्हें पीटा, फिर गला रेतकर हत्या की और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाया।
कुछ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शव को दो टुकड़ों में काटना इस बात की ओर इशारा करता है कि हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई और इसमें एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।
क्लिनिक बंद कर घर लौटते वक्त बनाया गया निशाना
मृतक के पिता राजेंद्र मिस्त्री ने बताया कि अशोक मिस्त्री रोज की तरह गुरुवार की रात अपना क्लिनिक बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। वह आमतौर पर रात 9 बजे तक घर पहुंच जाते थे।
परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 7 बजे अशोक की आखिरी बार अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि रात तक घर आ जाएंगे। इसके बाद रात 9 बजे के बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।
मोबाइल लोकेशन ने बढ़ाई उलझन
जब अशोक देर रात तक घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। शुक्रवार सुबह पुलिस की मदद से मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की गई, जिसमें कभी जमुई तो कभी लखीसराय की लोकेशन दिखाई दे रही थी। इससे मामला और उलझ गया।
इसी दौरान दोपहर में सूचना मिली कि गांव के पास एक खेत में जला हुआ शव मिला है। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने डॉक्टर अशोक मिस्त्री की पहचान की।
पुलिस एक्शन में, हर एंगल से जांच
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी हुलास कुमार समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की गई।
डीएसपी हुलास कुमार ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है और हत्या के पीछे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। आपसी रंजिश, पेशे से जुड़ा विवाद और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
इलाके में डर और आक्रोश
इस जघन्य हत्या के बाद पूरे कोशी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अशोक मिस्त्री शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और उन्होंने कभी किसी से दुश्मनी नहीं रखी।
लोगों का सवाल है कि अगर एक डॉक्टर, जो लोगों की जान बचाता है, उसके साथ इस तरह की बर्बरता हो सकती है, तो आम आदमी कितना सुरक्षित है।
कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधियों के बढ़ते हौसले और ऐसी नृशंस घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
फिलहाल पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों को अब न्याय और जल्द कार्रवाई का इंतजार है।



