नई दिल्ली:
बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर देश को उन त्रासद घटनाओं की याद दिला दी, जिनमें पहले भी कई बड़े नेता, वैज्ञानिक और प्रतिष्ठित हस्तियां हवाई दुर्घटनाओं का शिकार हो चुकी हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, पुणे के बारामती में लैंडिंग के दौरान यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अजित पवार की असामयिक मृत्यु से न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
होमी भाभा की रहस्यमयी मौत
भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. होमी जहांगीर भाभा की 24 जनवरी 1966 को हवाई दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। एयर इंडिया का बोइंग विमान, जिसमें वह सवार थे, स्विट्जरलैंड के मोंट ब्लांक पर्वत से टकरा गया था। इस हादसे में सभी यात्रियों की मौत हो गई थी। भाभा की मृत्यु को भारतीय विज्ञान जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जाता है।
संजय गांधी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी की 23 जून 1980 को दिल्ली में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। वे स्वयं एक छोटे विमान को उड़ा रहे थे, जो उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उस समय संजय गांधी को कांग्रेस के उभरते हुए युवा नेता के रूप में देखा जा रहा था।
सीडीएस बिपिन रावत की मृत्यु
8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर के पास भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। यह घटना देश के रक्षा इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक मानी जाती है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह बाल-बाल बचे
1984 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह जिस विमान में यात्रा कर रहे थे, वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि इस हादसे में वह सुरक्षित बच गए थे, लेकिन कई अन्य यात्रियों की जान चली गई थी।
लोकसभा सांसदों और नेताओं की भी हुई है मौत
भारत में कई बार हवाई दुर्घटनाओं में सांसदों और मंत्रियों की मौत हो चुकी है। अलग-अलग वर्षों में हुए हादसों में विभिन्न दलों के नेता असमय काल के गाल में समा गए, जिससे देश को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भारी क्षति उठानी पड़ी।
अजित पवार की राजनीतिक विरासत
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने कई बार राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और अपने तेजतर्रार फैसलों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से न केवल राकांपा बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
देश शोक में
अजित पवार की मृत्यु पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है। सभी ने उन्हें एक जुझारू नेता और कुशल प्रशासक बताया।
निष्कर्ष
भारत ने समय-समय पर हवाई दुर्घटनाओं में कई अनमोल रत्न खोए हैं। चाहे वह वैज्ञानिक होमी भाभा हों, नेता संजय गांधी हों या फिर सीडीएस बिपिन रावत—हर हादसा देश के लिए एक गहरा आघात रहा है। अजित पवार की असामयिक मृत्यु भी उसी दुखद श्रृंखला की एक और कड़ी बन गई है।



