बिहार में आयकर विभाग की छापेमारी एक बार फिर सुर्खियों में है। गया जिले में आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर धान कारोबार से जुड़े व्यापारियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। सोमवार सुबह से ही विभाग की कई टीमें कोतवाली थाना क्षेत्र के मखलौटगंज, कठोकर तालाब और मानपुर इलाके में सक्रिय हैं। इस कार्रवाई से जिले के व्यापारिक वर्ग में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की यह कार्रवाई गया के प्रमुख धान कारोबारी राजेश गुप्ता और उनके पार्टनर गौरी शंकर से जुड़े ठिकानों पर की जा रही है। विभाग को संदेह है कि इन कारोबारियों ने बड़े पैमाने पर आयकर चोरी और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किए हैं। हालांकि, अब तक आयकर विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
तीन प्रमुख इलाकों में एक साथ कार्रवाई
आयकर विभाग की टीमें एक साथ कई ठिकानों पर पहुंची हैं। मखलौटगंज और कठोकर तालाब इलाके में स्थित आवासीय मकानों के अलावा मानपुर क्षेत्र में कारोबारी परिसरों और संभावित गोदामों पर भी छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों द्वारा दस्तावेज, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, बैंक रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े कागजात खंगाले जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कुछ अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
स्थानीय पुलिस की मौजूदगी
छापेमारी के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्थानीय पुलिस की टीमों को भी मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह आयकर विभाग के अधिकार क्षेत्र में है और पुलिस केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद है।
गया पुलिस के एक पदाधिकारी ने बताया,
“हमें आयकर विभाग की कार्रवाई की सूचना है। हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी आयकर विभाग के अधिकारी ही दे सकते हैं।”
टैक्स चोरी के संदेह में कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग को इन धान कारोबारियों के खिलाफ लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि वे अपने वास्तविक कारोबार और आय को छिपा रहे हैं। धान की खरीद-बिक्री से जुड़े लेन-देन में बड़े पैमाने पर कैश ट्रांजैक्शन और फर्जी बिलिंग की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि विभाग को शक है कि कारोबारियों द्वारा आय कम दिखाकर टैक्स की भारी रकम से बचने की कोशिश की गई है। इसी आधार पर यह छापेमारी की जा रही है।
धान कारोबार पर पहले भी रही नजर
बिहार में धान व्यापार एक बड़ा सेक्टर माना जाता है, खासकर गया, नवादा, जहानाबाद और औरंगाबाद जैसे जिलों में। पिछले कुछ वर्षों में आयकर विभाग और अन्य एजेंसियां इस सेक्टर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कई जगहों पर पहले भी छापेमारी और जांच की कार्रवाई हो चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि धान व्यापार में बड़ी मात्रा में नकद लेन-देन होने की वजह से टैक्स चोरी की संभावना अधिक रहती है। इसी कारण आयकर विभाग समय-समय पर ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाता है।
कारोबारी वर्ग में चिंता
गया में चल रही इस कार्रवाई से स्थानीय कारोबारी वर्ग में चिंता का माहौल है। कई व्यापारियों का कहना है कि विभाग की यह कार्रवाई संकेत है कि आने वाले दिनों में और भी सख्ती हो सकती है।
कुछ व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आयकर विभाग की टीमों ने सुबह से ही ठिकानों को घेर रखा है और किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
यदि जांच के दौरान टैक्स चोरी या वित्तीय अनियमितताओं के ठोस सबूत मिलते हैं, तो संबंधित कारोबारियों पर भारी जुर्माना, ब्याज और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही विभाग की ओर से कोई पुष्टि या जानकारी सामने आती है, खबर को अपडेट किया जाएगा।
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