आरजेडी नेता का आरोप – बीजेपी जेडीयू को खत्म करना चाहती है
पटना, 5 मार्च: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के ऐलान के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है। विपक्ष के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इस संभावित सत्ता परिवर्तन का विरोध करते हुए कहा कि बिहार की जनता इस बदलाव के खिलाफ है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से यह दावा करती रही है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर बनाए रखना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि अब जो घटनाक्रम सामने आ रहा है, उससे उनका यह दावा सही साबित होता दिख रहा है।
तेजस्वी यादव का बड़ा बयान
मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता की जन-आकांक्षा इस सत्ता परिवर्तन के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने राजनीतिक रणनीति के तहत जदयू को कमजोर करने की कोशिश की है।
तेजस्वी यादव ने कहा,
“हम शुरुआत से कह रहे थे कि भाजपा के लोग नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने देंगे। आज हमारी बात सच साबित होती दिखाई दे रही है। बिहार की जनता इस सत्ता परिवर्तन के खिलाफ है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने राजनीतिक तौर पर नीतीश कुमार को “हाईजैक” कर लिया है और इसका उद्देश्य जदयू को कमजोर करना है।
‘जेडीयू को खत्म करना चाहती है बीजेपी’
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि 2024 में जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़कर एनडीए के साथ सरकार बनाई थी, उसी समय उन्होंने चेतावनी दी थी कि भाजपा का उद्देश्य जदयू को समाप्त करना है।
आरजेडी नेता ने कहा कि अब जो घटनाक्रम सामने आ रहा है, उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा की रणनीति जदयू को धीरे-धीरे कमजोर करने की है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस राजनीतिक बदलाव को स्वीकार नहीं करेगी।
मनोज झा ने भी उठाए सवाल
इस मुद्दे पर आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट उनकी अपनी भाषा नहीं लगती।
मनोज झा ने दावा किया कि यह संदेश संभवतः दिल्ली में लिखा गया है और बिहार की राजनीति में भाजपा किसी बड़े राजनीतिक प्रयोग की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की तरह का प्रयोग बिहार में सफल नहीं होगा।
मनोज झा ने कहा,
“यह नीतीश कुमार की भाषा नहीं लगती। विरोध और समर्थन दोनों में हम उनके साथ रहे हैं, लेकिन यह ट्वीट दिल्ली में लिखा गया लगता है। बिहार की जनता सब समझ रही है।”
नीतीश कुमार ने जताई राज्यसभा जाने की इच्छा
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर स्पष्ट किया है कि वह राज्यसभा जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वे संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें।
अपने संदेश में उन्होंने बिहार की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय तक उन्हें जनता का समर्थन मिला, जिसकी बदौलत उन्होंने राज्य की सेवा की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी वह बिहार के विकास और जनता के हितों के लिए काम करते रहेंगे।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
नीतीश कुमार के इस ऐलान के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो राज्य में नेतृत्व परिवर्तन संभव है।
इसी वजह से विपक्षी दल इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठा रहे हैं और इसे सत्ता परिवर्तन से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि एनडीए के नेताओं का कहना है कि यह पार्टी और गठबंधन का आंतरिक निर्णय है और इससे राज्य के विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर है कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के बाद बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। यदि मुख्यमंत्री पद पर बदलाव होता है तो यह राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
फिलहाल, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा ने बिहार के सियासी माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।



