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नहीं रहे बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति प्रो. अरुण कुमार, शून्यकाल समिति बिहार विधान सभा के सभापति चंद्रहास चौपाल ने जताया शोक

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नहीं रहे बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति प्रो. अरुण कुमार, शून्यकाल समिति बिहार विधान सभा के सभापति चंद्रहास चौपाल ने जताया शोक

मधेपुरा:- बिहार विधान परिषद के पूर्व सभापति प्रो. अरुण कुमार का निधन पटना में हो गया। वे बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन पर शून्यकाल समिति बिहार विधान सभा के सभापति चंद्रहास चौपाल जी सहित कई नेताओं ने शोक व्‍यक्‍त किया है। उनका अंतिम संस्‍कार राजकीय सम्‍मान के साथ किया जाएगा।
बिहार विधान सभा परिषद के पूर्व सभापति प्रो. अरुण कुमार का बुधवार की देर रात 90 वर्ष की आयु में पटना के पटेल नगर स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। शून्यकाल समिति बिहार विधान सभा के सभापति चंद्रहास चौपाल ने प्रो. अरुण कुमार के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।
विधान परिषद के सभापति व कार्यकारी सभापति रहे
प्रो. अरुण कुमार 05 जुलाई 1984 से 03 अक्टूबर 1986 तक बिहार विधान परिषद के सभापति रहे। वे 16 अप्रैल 2006 से 04 अगस्त 2009 तक विधान परिषद के कार्यकारी सभापति भी रहे!डॉ अरुण कुमार कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते थे। 2 जनवरी, 1931 को रोहतास के मछनहट्टा (दुर्गावती) में जन्मे डॉ. अरुण कुमार की राजनीति और साहित्य में बराबर रुचि रही। प्रो. अरुण कुमार ने निराला पुष्पहार तथा पत्र-पत्रिकाओं में अनेक रचनाओं का प्रकाशन किया। साथ ही वृन्दावन लाल वर्मा के उपन्यास पर शोध-कार्य किया।

शून्यकाल समिति बिहार विधान सभा के सभापति चंद्रहास चौपाल ने व्‍यक्‍त की शोक-संवदेना
शून्यकाल समिति बिहार विधान सभा के सभापति चंद्रहास चौपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा स्‍वजनों को दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। चंद्रहास चौपाल ने कहा कि प्रो. अरुण कुमार एक कुशल राजनेता एवं प्रसिद्ध समाजसेवी थे। उनके निधन से राजनीति एवं सामाज को अपूरणीय क्षति हुई है।

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