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बिहार में बिल्ली के नाम से बना आवासीय प्रमाण पत्र, रोहतास में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में FIR दर्ज

बिहार में बिल्ली के नाम से बना आवासीय प्रमाण पत्र, रोहतास में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में FIR दर्ज प्रकाशन तिथि: 12 अगस्त 2025 स्थान: रोहतास, बिहार समाचार विवरण: बिहार के रोहतास जिले में एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बिल्ली के नाम से ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन क

बिहार में बिल्ली के नाम से बना आवासीय प्रमाण पत्र, रोहतास में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में FIR दर्ज

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बिहार में बिल्ली के नाम से बना आवासीय प्रमाण पत्र, रोहतास में फर्जी सर्टिफिकेट मामले में FIR दर्ज प्रकाशन तिथि: 12 अगस्त 2025 स्थान: रोहतास, बिहार समाचार विवरण: बिहार के रोहतास जिले में एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बिल्ली के नाम से ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया। आवेदक का नाम कैट कुमार , पिता का नाम कैटी बॉस और माता का नाम कैटिया देवी दर्ज किया गया, जबकि आवेदन में आवेदक की फोटो के रूप में एक बिल्ली की तस्वीर अपलोड की गई थी। यह मामला सामने आने के बाद रोहतास की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए नासरीगंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का आदेश दिया। साथ ही मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।   कैसे खुलासा हुआ मामला? जानकारी के अनुसार, आरटीपीएस काउंटर को 27 जुलाई 2025 को एक ऑनलाइन एप्लीकेशन प्राप्त हुई थी। इस एप्लीकेशन में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी दर्ज थी। जांच में पाया गया कि नाम, माता-पिता का नाम और फोटो सभी फर्जी थे। जिलाधिकारी के निर्देश और FIR डीएम उदिता सिंह ने इसे सरकारी सेवाओं का मजाक उड़ाने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग का मामला मानते हुए तुरंत FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने फर्जी डिटेल और बिल्ली की फोटो अपलोड कर सरकारी व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश की है। सोशल मीडिया पर चर्चा और प्रतिक्रिया यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लोगों ने इस पर जमकर मजाक उड़ाया। कई यूजर्स ने इसे "समय और संसाधनों की बर्बादी" बताया, जबकि कुछ ने इसे सिस्टम में लापरवाही का नतीजा माना। सरकारी सेवाओं की छवि पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले न केवल प्रशासनिक संसाधनों की बर्बादी करते हैं बल्कि पब्लिक सर्विस की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करते हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच में जुटा है कि यह हरकत किसी शरारत के तौर पर की गई या किसी बड़े फर्जीवाड़े का हिस्सा है।

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