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Politics

जेडीयू विधायक गोपाल मंडल निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव, गोपालपुर से आज करेंगे नामांकन

भागलपुर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। जेडीयू के चार बार के विधायक गोपाल मंडल , जिनका टिकट इस बार कट गया , अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर रहे हैं। वे आज यानी 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार) को गोपालपुर से

जेडीयू विधायक गोपाल मंडल निर्दलीय लड़ेंगे चुनाव, गोपालपुर से आज करेंगे नामांकन

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भागलपुर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। जेडीयू के चार बार के विधायक गोपाल मंडल , जिनका टिकट इस बार कट गया , अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर रहे हैं। वे आज यानी 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार) को गोपालपुर से नामांकन दाखिल करेंगे। ‘क्रांतिकारी नामांकन’ का एलान – जनता की एकजुटता का प्रतीक गोपाल मंडल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए इसे “क्रांतिकारी नामांकन” करार दिया है। उन्होंने लिखा — “भाइयों और बहनों, अब समय आ गया है इतिहास को दोबारा लिखने का। 18 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे हमारा क्रांतिकारी नामांकन होगा। यह जनता की एकता और सम्मान का प्रतीक है।” उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर “जनता की ताकत” का प्रदर्शन करें। टिकट कटने से नाराज, निर्दलीय मैदान में उतरे पिछले दिनों जेडीयू ने गोपालपुर से बुलो मंडल को टिकट दिया था। इस निर्णय से नाराज होकर गोपाल मंडल ने पार्टी के खिलाफ बगावत का ऐलान किया। उन्होंने कहा — “हमने जनता की सेवा की है, जनता हमारे साथ है। टिकट काटने से हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। अब यह चुनाव गरीबों, किसानों, मजदूरों और युवाओं की आवाज़ का चुनाव है।” नीतीश कुमार के आवास के बाहर दिया था धरना टिकट कटने के बाद गोपाल मंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के बाहर धरना दिया था। सुबह 8:30 बजे वे समर्थकों के साथ पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने गमछा बिछाकर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया और कहा — “अगर टिकट नहीं मिला तो हम यहां से नहीं हटेंगे। चाहें तो लाठी चला दीजिए, लेकिन हम झुकेंगे नहीं।” इस घटना ने जेडीयू के भीतर असंतोष और गुटबाजी को उजागर कर दिया था। गोपाल मंडल का ऐलान – ‘जनता की जीत होगी’ गोपाल मंडल ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि जनता के सम्मान की है। “हमने अपनी पगड़ी मुख्यमंत्री के आवास पर रख दी थी। अब वही पगड़ी हम सम्मान, संघर्ष और सेवा के साथ फिर से सिर पर उठाएंगे।” उन्होंने कहा कि उनका नामांकन उन सभी गरीबों, असहायों और युवाओं का नामांकन है जिनकी आवाज़ वर्षों से दबाई जा रही थी। ‘बुलो मंडल को हवा में उड़ा देंगे’ – गोपाल मंडल का हमला गोपाल मंडल ने जेडीयू के नए प्रत्याशी बुलो मंडल पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा — “हम बुलो मंडल को हवा में उड़ा देंगे। वे हमारे सामने टिक नहीं सकते। गोपालपुर की जनता मेरे साथ है, और यही मेरी असली ताकत है।” इस बयान ने जेडीयू के अंदरूनी टकराव को और गहरा कर दिया है। नामांकन से पहले गोपालपुर में जोश और उत्साह गोपालपुर में गोपाल मंडल के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। गांव-गांव में समर्थक झंडे, बैनर और पोस्टर लेकर लोगों को जुटा रहे हैं। नामांकन के दिन हजारों समर्थकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। गोपाल मंडल का राजनीतिक सफर गोपाल मंडल चार बार से गोपालपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वे जेडीयू के तेज-तर्रार और बेबाक नेताओं में गिने जाते हैं। अक्सर अपने सीधे और विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। उनका राजनीतिक करियर 2005 में शुरू हुआ था और तब से वे लगातार इस क्षेत्र की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। नामांकन का प्रतीकात्मक महत्व गोपाल मंडल ने कहा कि यह सिर्फ एक नामांकन नहीं बल्कि “जनता के सम्मान और आत्मसम्मान की लड़ाई” है। “गोपालपुर सिर्फ एक विधानसभा नहीं, यह जनता की आवाज़ है। आज हम उस आवाज़ को फिर से बुलंद करने जा रहे हैं।” बिहार चुनाव की तारीखें और पृष्ठभूमि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में होंगे: पहला चरण: 6 नवंबर दूसरा चरण: 11 नवंबर मतगणना: 14 नवंबर चुनाव आयोग ने 20 अक्टूबर तक नामांकन की अंतिम तिथि तय की है। सभी प्रमुख दल — जेडीयू, आरजेडी, भाजपा, कांग्रेस और वाम दल — अपने प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी करने में जुटे हैं। जेडीयू के लिए झटका राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोपाल मंडल का निर्दलीय उतरना जेडीयू के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। गोपालपुर क्षेत्र में उनका जनाधार मजबूत है और उनके निर्दलीय लड़ने से मतों का बंटवारा निश्चित है। जेडीयू के लिए यह सीट अब चुनौतीपूर्ण बन चुकी है। निष्कर्ष बिहार की राजनीति में गोपाल मंडल का कदम “बागी लहर” की शुरुआत माना जा रहा है। उनका निर्दलीय चुनाव लड़ना जेडीयू के अंदर असंतोष और नाराजगी का संकेत है। अब देखना यह होगा कि गोपालपुर की जनता किसके पक्ष में फैसला सुनाती है — पार्टी के उम्मीदवार बुलो मंडल या बागी नेता गोपाल मंडल के। FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न Q1. गोपाल मंडल कौन हैं? 👉 जेडीयू के चार बार के विधायक और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री हैं। Q2. उन्होंने निर्दलीय चुनाव क्यों लड़ने का फैसला किया? 👉 टिकट कटने और पार्टी के फैसले से नाराज होकर। Q3. वे किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं? 👉 गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र, भागलपुर जिला। Q4. जेडीयू ने किसे उम्मीदवार बनाया है? 👉 बुलो मंडल को। Q5. बिहार विधानसभा चुनाव कब होंगे? 👉 पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को, जबकि परिणाम 14 नवंबर को आएंगे। 🔗 स्रोत: Election Commission of India – Bihar Assembly Elections 2025

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