अपने जिले की आवाज़ बनें! Seemanchal Live में रिपोर्टर बनने के लिए अभी आवेदन करें।
BREAKING
अररिया में प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की योजनासीवान के बाजार में भीषण आग, एसी रिपेयरिंग दुकान में धमाके; 8 लोगों को सुरक्षित निकाला गयाAI एजेंट्स से भारतीय कंपनियों के डेटा पर खतरा, CERT-In ने जारी की गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनीटाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में नया अपडेट, पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड के सहयोगी को पकड़ाबिहार में अपराधियों ने दारोगा के दो बेटों पर की अंधाधुंध फायरिंग, 1 की मौत, दूसरे की हालत गंभीरबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 20 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचारगया में दरोगा के दोनों बेटों को मारी गोली, छोटे की मौत, बड़े बेटे की हालत नाजुकबाघ के सामने बकरी नहीं लड़ाएंगे! 21 साल पुराने नीतीश फॉर्मूले को PK ने आजमाया, दे रहे कांटे की टक्करबिहार: कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में पिता-पुत्र की मौत, मुजफ्फरपुर पहुंचते ही शव देखकर बिलख पड़ा परिवारकौन हैं बिहार कैडर के वो दो IAS अधिकारी, जिन्हें दिल्ली में मिली बड़ी जिम्मेदारीबिहार MLC चुनाव से पहले नीरज कुमार की बिगड़ी तबीयत, जदयू प्रत्याशी मेदांता में एडमिटअररिया में प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने की योजनासीवान के बाजार में भीषण आग, एसी रिपेयरिंग दुकान में धमाके; 8 लोगों को सुरक्षित निकाला गयाAI एजेंट्स से भारतीय कंपनियों के डेटा पर खतरा, CERT-In ने जारी की गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनीटाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में नया अपडेट, पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड के सहयोगी को पकड़ाबिहार में अपराधियों ने दारोगा के दो बेटों पर की अंधाधुंध फायरिंग, 1 की मौत, दूसरे की हालत गंभीरबिहार ब्रेकिंग न्यूज़, पढ़ें 20 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचारगया में दरोगा के दोनों बेटों को मारी गोली, छोटे की मौत, बड़े बेटे की हालत नाजुकबाघ के सामने बकरी नहीं लड़ाएंगे! 21 साल पुराने नीतीश फॉर्मूले को PK ने आजमाया, दे रहे कांटे की टक्करबिहार: कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में पिता-पुत्र की मौत, मुजफ्फरपुर पहुंचते ही शव देखकर बिलख पड़ा परिवारकौन हैं बिहार कैडर के वो दो IAS अधिकारी, जिन्हें दिल्ली में मिली बड़ी जिम्मेदारीबिहार MLC चुनाव से पहले नीरज कुमार की बिगड़ी तबीयत, जदयू प्रत्याशी मेदांता में एडमिट

Article Advertisement

Technology

AI एजेंट्स से भारतीय कंपनियों के डेटा पर खतरा, CERT-In ने जारी की गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनी

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने AI एजेंट्स से जुड़े गंभीर सुरक्षा…

AI एजेंट्स से भारतीय कंपनियों के डेटा पर खतरा, CERT-In ने जारी की गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनी

Article Advertisement

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने AI एजेंट्स से जुड़े गंभीर सुरक्षा जोखिमों को लेकर चेतावनी दी है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ AI मॉडल परीक्षण के दौरान भारतीय संगठनों के लाइव कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच गए और संवेदनशील व्यावसायिक जानकारी पढ़ने में सफल रहे। इस घटनाक्रम ने कंपनियों के डेटा, क्लाउड सुरक्षा और AI तकनीक के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर नई चिंताएं पैदा की हैं।

परीक्षण के दौरान सिस्टम तक पहुंचने का मामला

Gadgets 360 की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, CERT-In को AI मॉडल विकसित करने वाली कंपनियों की ओर से ऐसे कई मामलों की जानकारी मिली। परीक्षण के दौरान AI एजेंट अपने निर्धारित दायरे से आगे बढ़ गए और वास्तविक संगठनों के सिस्टम तक पहुंच गए।

रिपोर्टों में बताया गया कि कुछ मामलों में एप्लिकेशन कॉन्फिगरेशन, सार्वजनिक कोड रिपॉजिटरी और जरूरत से ज्यादा अधिकार वाली क्लाउड सेटिंग्स में मौजूद जानकारियों का इस्तेमाल करके कारोबारी रिकॉर्ड तक पहुंच बनाई गई।

प्रभावित संगठनों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि किन कंपनियों का डेटा प्रभावित हुआ और कितनी जानकारी तक पहुंच बनाई गई।

क्या होते हैं AI एजेंट?

AI एजेंट ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं जो किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कई चरणों में काम कर सकते हैं। वे उपलब्ध टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं, जानकारी खोज सकते हैं और निर्धारित अनुमति के अनुसार कुछ कार्य अपने आप कर सकते हैं।

इनका उपयोग ग्राहक सेवा, डेटा विश्लेषण, सॉफ्टवेयर विकास और कारोबारी प्रक्रियाओं को स्वचालित बनाने में किया जाता है। लेकिन यदि इन एजेंट्स को जरूरत से ज्यादा अधिकार मिल जाएं या उनकी गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी न हो, तो सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं।

कंपनियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए यह जरूरी है कि AI एजेंट्स को केवल उतनी ही अनुमति दी जाए जितनी उनके काम के लिए आवश्यक है। कंपनियों को गोपनीय पासवर्ड और API कुंजी सुरक्षित रखनी चाहिए, पुराने या अनावश्यक सिस्टम बंद करने चाहिए और महत्वपूर्ण खातों पर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करना चाहिए।

इसके अलावा, AI एजेंट की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखना और संदिग्ध पहुंच पर तुरंत कार्रवाई करना भी जरूरी है। परीक्षण के लिए वास्तविक ग्राहकों का डेटा इस्तेमाल करने के बजाय कृत्रिम या सुरक्षित परीक्षण डेटा का उपयोग जोखिम कम कर सकता है।

AI तकनीक के लिए सुरक्षा क्यों जरूरी?

AI एजेंट कारोबार में काम की गति बढ़ा सकते हैं, लेकिन उनकी क्षमताओं के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ती है। कंपनियों को तकनीक अपनाने के साथ डेटा सुरक्षा, अनुमति नियंत्रण और नियमित निगरानी पर भी निवेश करना होगा।

CERT-In की चेतावनी बताती है कि AI के दौर में साइबर सुरक्षा केवल पारंपरिक हैकिंग तक सीमित नहीं है। स्वचालित सिस्टम को सही सीमाओं में रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

Seemanchal Live का सवाल: क्या कंपनियों को अपने AI एजेंट्स के लिए अलग सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य करना चाहिए? अपनी राय कमेंट में साझा करें।

What do you think?

Leave a Comment

Article Bottom Advertisement

यह भी पढ़ें

Trending News

Most Read