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AI हैकिंग का बढ़ता खतरा: CERT-In ने भारतीय Fintech कंपनियों को जारी किया Critical अलर्ट

AI हैकिंग का बढ़ता खतरा: CERT-In ने भारतीय Fintech कंपनियों को जारी किया Critical अलर्ट

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नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और Fintech कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से किए जा रहे साइबर हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने ‘Crafty Falcon’ नामक सक्रिय साइबर हमले के अभियान को Critical श्रेणी का खतरा बताया है।

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CERT-In के अनुसार, हमलावर AI आधारित टूल्स का उपयोग करके वित्तीय संस्थानों के सिस्टम की जांच करते हैं और उनके Payment तथा Disbursement API के माध्यम से अनधिकृत लेनदेन करने का प्रयास करते हैं। यह अभियान अभी भी सक्रिय है।

AI की मदद से तेजी से हो रहे साइबर हमले

CERT-In की 4 नवंबर 2026 की एडवाइजरी के मुताबिक, हमलावर कई सार्वजनिक रूप से उपलब्ध AI आधारित सुरक्षा टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें ARTEX, PentAGI, Cairn और CyberStrikeAI शामिल हैं।

इन टूल्स की मदद से हमलावर सिस्टम की कमजोरियों की पहचान, कस्टम स्क्रिप्ट तैयार करने और हमले के तरीकों में बदलाव करने जैसे कार्य तेजी से कर सकते हैं।

एजेंसी ने बताया कि कुछ वित्तीय संस्थानों को पहले सुरक्षा सुधार करने के बाद भी दोबारा निशाना बनाया गया है। अधूरे सुरक्षा सुधारों के कारण सिस्टम फिर से जोखिम में आ सकते हैं।

Payment API और Cloud Infrastructure निशाने पर

रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों द्वारा वित्तीय कंपनियों के इंटरनेट से जुड़े एप्लिकेशन, API और Cloud Infrastructure को निशाना बनाया जा रहा है।

हमले के कुछ प्रमुख तरीके इस प्रकार बताए गए हैं:

  • Payment और Disbursement API का दुरुपयोग

  • UAT और Staging जैसे गैर-प्रोडक्शन सिस्टम से प्रवेश

  • साझा Credentials और Tokens का इस्तेमाल

  • छोटे मूल्य के परीक्षण लेनदेन के बाद बड़े ट्रांसफर का प्रयास

  • Cloud Management Services के माध्यम से अनधिकृत गतिविधियां

CERT-In ने यह भी बताया कि कुछ मामलों में हमलावर छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान कम निगरानी वाले समय का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।

कंपनियों को क्या सुरक्षा उपाय करने चाहिए?

CERT-In ने वित्तीय संस्थानों को 24 घंटे सुरक्षा निगरानी बनाए रखने, Cloud Audit Logs की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करने और API सुरक्षा को मजबूत करने की सलाह दी है।

कंपनियों को निम्नलिखित उपायों पर ध्यान देना चाहिए:

  1. सभी इंटरनेट-एक्सपोज्ड सिस्टम और API की सुरक्षा जांच करें।

  2. Production, UAT और Staging वातावरण को अलग रखें।

  3. Least Privilege Access और Zero Trust Security लागू करें।

  4. अनधिकृत API कॉल और असामान्य ट्रांजैक्शन पर अलर्ट बनाएं।

  5. नए Beneficiary के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट और अतिरिक्त सत्यापन लागू करें।

  6. Cloud Credentials, API Keys और Tokens की नियमित समीक्षा करें।

  7. Security Patches और Vulnerability Fixes समय पर लागू करें।

  8. संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए SIEM और SOC मॉनिटरिंग मजबूत करें।

बैंकिंग और Fintech सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी

AI तकनीक जहां डिजिटल सेवाओं को बेहतर बना रही है, वहीं इसका दुरुपयोग साइबर हमलों को अधिक स्वचालित और तेज बना सकता है। वित्तीय संस्थानों के लिए केवल पारंपरिक Firewall और IP Allowlisting पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता।

CERT-In ने सभी संबंधित संस्थानों को इस अभियान को सक्रिय और निरंतर खतरा मानते हुए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की सलाह दी है।

निष्कर्ष: भारतीय बैंकिंग और Fintech कंपनियों के लिए AI आधारित साइबर सुरक्षा अब एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता बन गई है। API Security, Cloud Monitoring, Transaction Monitoring और मजबूत Access Control वित्तीय प्रणालियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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