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भारत और नेपाल के बीच व्यापार, ऊर्जा और AI सहयोग बढ़ाने पर सहमति, रिश्तों को मिलेगी नई दिशा

भारत और नेपाल के बीच व्यापार, ऊर्जा और AI सहयोग बढ़ाने पर सहमति, रिश्तों को मिलेगी नई दिशा

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काठमांडू/नई दिल्ली। भारत और नेपाल ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, जलविद्युत, सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल कनेक्टिविटी, स्टार्टअप और खेल के क्षेत्र में भी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।

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यह जानकारी भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री की 4 और 5 नवंबर 2026 को नेपाल की आधिकारिक यात्रा के बाद जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में सामने आई। इस यात्रा के दौरान भारत और नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की।

द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के निमंत्रण पर काठमांडू का दौरा किया। दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई।

बैठक में भारत-नेपाल संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने आपसी हितों से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भविष्य में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से मुलाकात के दौरान विक्रम मिस्री ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं भी दीं।

जलविद्युत और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग

भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। नेपाल में जलविद्युत उत्पादन की बड़ी संभावनाएं हैं और भारत के साथ बिजली व्यापार दोनों देशों के आर्थिक संबंधों का प्रमुख हिस्सा है।

दोनों देशों ने ऊर्जा, जल संसाधन और जलविद्युत के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। इससे भविष्य में बिजली उत्पादन, सीमा पार बिजली व्यापार और ऊर्जा संबंधी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।

हालांकि, बैठक में किसी नई जलविद्युत परियोजना या बिजली समझौते की विस्तृत घोषणा नहीं की गई है।

व्यापार और सीमा प्रबंधन पर भी चर्चा

भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक संबंध दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। सीमा पार व्यापार, परिवहन और पारगमन सुविधाओं को बेहतर बनाने से व्यापारियों और आम नागरिकों को लाभ मिल सकता है।

संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में व्यापार और वाणिज्य, विकास साझेदारी, भौतिक कनेक्टिविटी और सीमा प्रबंधन को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उल्लेख किया गया है।

दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में बढ़ते संपर्क और सहयोग पर संतोष जताया।

AI और डिजिटल कनेक्टिविटी में नए अवसर

भारत और नेपाल ने पारंपरिक सहयोग के साथ नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं को भी स्वीकार किया है।

इनमें स्टार्टअप, डिजिटल कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और खेल शामिल हैं। तकनीकी सहयोग से दोनों देशों के युवाओं, उद्यमियों और संस्थानों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

हालांकि, इन क्षेत्रों में किसी विशेष परियोजना, निवेश या कार्यान्वयन की समयसीमा का आधिकारिक विवरण अभी जारी नहीं हुआ है।

बाढ़ प्रभावित नेपाल को भारत की सहायता

नेपाल के नेतृत्व ने रसुवा-भोटेकोशी क्षेत्र में बाढ़ के बाद भारत की ओर से दी गई मानवीय और तकनीकी सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की जरूरत है। भारत ने नेपाल के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

इससे दोनों देशों के बीच आपदा के समय सहयोग और मानवीय सहायता के महत्व को भी रेखांकित किया गया।

आगे क्या होगा?

भारत और नेपाल के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के संदर्भ में भी विदेश सचिव की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, विकास परियोजनाओं और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर आगे की पहल हो सकती है।

भारत और नेपाल ने सभी प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। अब इन चर्चाओं को ठोस परियोजनाओं और समझौतों में बदलना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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