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Politics

JMM नहीं लड़ेगी बिहार चुनाव? नामांकन के अंतिम दिन 61 उम्मीदवार ने मैदान छोड़ा

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। नामांकन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर को समाप्त हो गई, लेकिन JMM के किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इससे पहले पार्टी ने 6 सीटों पर चुनाव लड

JMM नहीं लड़ेगी बिहार चुनाव? नामांकन के अंतिम दिन 61 उम्मीदवार ने मैदान छोड़ा

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। नामांकन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर को समाप्त हो गई, लेकिन JMM के किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इससे पहले पार्टी ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी , लेकिन अंतिम दिन तक कोई सूची जारी नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि JMM इस बार बिहार की चुनावी जंग से बाहर रहेगी। नामांकन प्रक्रिया पूरी, 61 उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ा दूसरे चरण की 122 विधानसभा सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया 20 अक्टूबर को पूरी हुई। स्क्रूटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद कुल 61 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए। अब बिहार में 1314 उम्मीदवार मैदान में रह गए हैं, जो 6 नवंबर को पहले चरण के मतदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार नामांकन में स्वतंत्र उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जबकि कई छोटे दलों ने गठबंधन या संसाधनों की कमी के चलते अपने उम्मीदवार वापस बुला लिए हैं। JMM का फैसला: बिहार से ‘दूरी’ का राजनीतिक संकेत झारखंड की सत्ता में शामिल JMM का बिहार चुनाव से दूर रहना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, JMM ने पहले बिहार की सीमावर्ती सीटों — जैसे कटोरिया, बांका, जमुई, नक्सलगढ़ और चांदन — से उम्मीदवार उतारने की तैयारी की थी। लेकिन रणनीतिक समीक्षा के बाद पार्टी ने “सीमित प्रभाव क्षेत्र और संगठनात्मक तैयारी की कमी” को देखते हुए चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया। JMM के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा: “हमने बिहार में अपने संगठन को मजबूत करने की योजना बनाई है। बिना ठोस तैयारी के चुनाव में उतरना उचित नहीं होता।” नीतीश कुमार ही NDA के मुख्यमंत्री चेहरा — उपेंद्र कुशवाहा इसी बीच, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार में NDA का चेहरा नीतीश कुमार ही होंगे। उन्होंने कहा: “नीतीश कुमार हमारे मुख्यमंत्री के उम्मीदवार हैं। चुनाव उनके नेतृत्व में लड़ा जा रहा है और NDA पूरी तरह एकजुट है।” कुशवाहा के इस बयान को NDA की एकता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर तब जब विपक्षी दलों में सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। https://x.com/AHindinews/status/1980313398941548894 JMM की वापसी से विपक्ष को झटका राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि JMM के मैदान से हटने का सबसे बड़ा असर महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वामदलों) पर पड़ेगा। JMM से उम्मीद थी कि वह बिहार-झारखंड सीमा से सटे इलाकों में आदिवासी और अल्पसंख्यक वोट बैंक को आकर्षित कर सकती थी। लेकिन अब इस समीकरण के टूटने से महागठबंधन के वोट शेयर पर असर पड़ सकता है। विशेषकर बांका, जमुई और लखीसराय जैसे क्षेत्रों में RJD को अब स्वतंत्र उम्मीदवारों और AIMIM से टक्कर मिल सकती है। NDA की रणनीति को मिला बढ़त का मौका JMM के चुनाव न लड़ने से NDA को अप्रत्यक्ष फायदा हो सकता है। क्योंकि JMM के संभावित मतदाता — विशेष रूप से आदिवासी और सीमावर्ती जिलों के ग्रामीण मतदाता — अब NDA के सहयोगी उम्मीदवारों की ओर रुख कर सकते हैं। नीतीश कुमार की “विकास और स्थिरता” की अपील ग्रामीण इलाकों में पहले से ही असरदार मानी जा रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक, यह फैसला NDA की बढ़त को और मजबूत कर सकता है। JMM का भविष्य: बिहार में संगठन विस्तार की योजना JMM ने भले ही इस बार चुनाव से दूरी बनाई हो, लेकिन पार्टी ने संकेत दिया है कि वह भविष्य में बिहार में संगठनात्मक विस्तार करेगी। खासकर सीमावर्ती जिलों में — जहां सांस्कृतिक और भाषाई समानता झारखंड से जुड़ी हुई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, JMM अगले वर्ष बिहार में ‘संगठन विस्तार अभियान’ शुरू करेगी, ताकि 2030 के चुनावों तक वह एक क्षेत्रीय राजनीतिक विकल्प के रूप में उभर सके। बिहार चुनाव की अगली तारीखें चरण तिथि सीटें परिणाम पहला चरण 6 नवंबर 2025 122 सीटें मतदान दूसरा चरण 11 नवंबर 2025 121 सीटें मतदान मतगणना 14 नवंबर 2025 — परिणाम घोषित राजनीतिक विश्लेषण: ‘तीसरे मोर्चे का खाली स्थान’ विशेषज्ञों के अनुसार, JMM के चुनाव न लड़ने से बिहार में तीसरे मोर्चे का खाली स्थान बन गया है। अब मुकाबला सीधा NDA बनाम महागठबंधन के बीच रहेगा। हालांकि, जन सुराज (प्रशांत किशोर) और स्वतंत्र उम्मीदवारों के कारण कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बनी हुई है। फिर भी, JMM की अनुपस्थिति ने चुनाव समीकरणों को अपेक्षाकृत सरल बना दिया है। FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) Q1. JMM ने बिहार चुनाव क्यों नहीं लड़ा? A1. संगठनात्मक तैयारी की कमी और सीमित प्रभाव क्षेत्र के कारण JMM ने इस बार चुनाव से दूरी बनाई है। Q2. JMM कितनी सीटों पर उतरने वाली थी? A2. पहले 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की चर्चा थी, लेकिन कोई नामांकन नहीं हुआ। Q3. नाम वापस लेने की कुल संख्या कितनी रही? A3. दूसरे चरण में कुल 61 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं। Q4. NDA का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा? A4. उपेंद्र कुशवाहा ने पुष्टि की कि नीतीश कुमार ही NDA के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। Q5. JMM के न उतरने से किसे फायदा होगा? A5. विश्लेषकों के अनुसार, JMM के न उतरने से NDA को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिल सकता है। Q6. चुनाव परिणाम कब आएंगे? A6. 14 नवंबर 2025 को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। 🔗 External Source: Election Commission of India – Bihar Assembly Election 2025 Data

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