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Politics

लालगंज में सुलझी महागठबंधन की पेंच, शिवानी शुक्ला लड़ेंगी, कांग्रेस प्रत्याशी हुए बाहर

वैशाली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) में चल रही लालगंज सीट को लेकर रस्साकशी आखिरकार खत्म हो गई है। कांग्रेस के उम्मीदवार आदित्य कुमार राजा ने बड़ी पहल करते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया है, जिससे सीट पर जारी विवाद सुलझ गया। अब इस सीट से राजद की उम्मीदवार शिवानी शुक्ला

लालगंज में सुलझी महागठबंधन की पेंच, शिवानी शुक्ला लड़ेंगी, कांग्रेस प्रत्याशी हुए बाहर

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वैशाली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) में चल रही लालगंज सीट को लेकर रस्साकशी आखिरकार खत्म हो गई है। कांग्रेस के उम्मीदवार आदित्य कुमार राजा ने बड़ी पहल करते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया है, जिससे सीट पर जारी विवाद सुलझ गया। अब इस सीट से राजद की उम्मीदवार शिवानी शुक्ला चुनाव मैदान में होंगी और सीधा मुकाबला भाजपा से होगा। गठबंधन धर्म निभाने की मिसाल — आदित्य राजा कांग्रेस प्रत्याशी आदित्य राजा ने लालगंज सीट से नामांकन वापस लेने की घोषणा करते हुए कहा कि यह निर्णय उन्होंने “किसी दबाव या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण नहीं, बल्कि गठबंधन धर्म और राहुल गांधी के विश्वास को बनाए रखने के लिए” लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार की एकता और महागठबंधन की मजबूती के लिए यह कदम आवश्यक था। “मैंने लोकतंत्र की धरती से गठबंधन धर्म निभाने की पहल की है। बाकी घटक दलों को भी इसका पालन करना चाहिए।” राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम कांग्रेस और राजद के बीच टकराव टलने और गठबंधन की एकता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैसे शुरू हुआ विवाद? लालगंज विधानसभा सीट पर पहले कांग्रेस ने आदित्य कुमार राजा को अपना प्रत्याशी घोषित किया था, जबकि राजद ने बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला को पार्टी सिंबल दे दिया। इससे दोनों दलों के बीच सीट को लेकर विवाद और भ्रम की स्थिति बन गई थी। कांग्रेस के कार्यकर्ता नाराज थे कि गठबंधन के अंदर रहते हुए भी “सेटिंग बायपास” किया गया। हालांकि, आदित्य राजा के नाम वापस लेने से यह सारा विवाद समाप्त हो गया है। अब लालगंज में भाजपा बनाम राजद की सीधी टक्कर कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन वापसी के बाद अब लालगंज सीट पर राजद और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है। भाजपा ने इस सीट से संजय सिंह को मैदान में उतारा है। राजद की ओर से शिवानी शुक्ला , जो मुन्ना शुक्ला की बेटी हैं, पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में शुक्ला परिवार का प्रभाव काफी गहरा माना जाता है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी वर्षा सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा — “लालगंज से कांग्रेस उम्मीदवार आदित्य कुमार राजा के अलावा महुआ से 2 और महनार विधानसभा से 1 उम्मीदवार ने नाम वापस लिया है। इस तरह कुल 4 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस लिया।” शिवानी शुक्ला बनीं RJD की उम्मीद शिवानी शुक्ला के मैदान में उतरने से लालगंज की राजनीति में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। वे पूर्व विधायक बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी हैं और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। राजद ने उन्हें “नई पीढ़ी की नुमाइंदगी” के प्रतीक के रूप में उतारा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शिवानी शुक्ला लालगंज में महिलाओं और युवाओं के वोट बैंक को आकर्षित कर सकती हैं। भाजपा भी तैयार: ‘लालगंज की लड़ाई दिलचस्प होगी’ भाजपा के उम्मीदवार संजय सिंह ने कहा कि लालगंज की जनता विकास चाहती है और उन्हें केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं पर भरोसा है। “यह चुनाव जाति नहीं, विकास के मुद्दों पर लड़ा जाएगा। लालगंज की जनता जानती है कि काम किसने किया और कौन सिर्फ वादे करता रहा।” राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक, लालगंज की लड़ाई अब प्रेस्टीज बैटल बन चुकी है — एक तरफ राजद की युवा महिला उम्मीदवार , और दूसरी तरफ भाजपा का अनुभवी चेहरा। गठबंधन में राहत की सांस कांग्रेस के इस फैसले से महागठबंधन में राहत की लहर है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह निर्णय गठबंधन की एकता और समर्पण का संकेत है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा — “आदित्य राजा ने संगठन और गठबंधन की गरिमा का पालन किया है। यही कांग्रेस की संस्कृति है — एकता, अनुशासन और सहयोग।” लालगंज सीट पर राजनीतिक पृष्ठभूमि लालगंज सीट वैशाली जिले की राजनीतिक रूप से चर्चित सीटों में से एक है। यहां 2015 और 2020 के चुनावों में भाजपा और राजद के बीच ही मुख्य मुकाबला रहा है। वर्ष विजेता उम्मीदवार पार्टी रनर-अप 2015 संजय कुमार सिंह BJP राजद 2020 संजय कुमार सिंह BJP राजद 2025 (अनुमानित) — — शिवानी शुक्ला बनाम संजय सिंह इस बार शिवानी शुक्ला के मैदान में उतरने से मुकाबला भावनात्मक और पारिवारिक राजनीतिक प्रभाव वाला माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषण: कांग्रेस की रणनीतिक परिपक्वता राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा नाम वापस लेना “रणनीतिक परिपक्वता” का संकेत है। यह कदम गठबंधन में भविष्य की साझेदारी को मजबूत करेगा और RJD-कांग्रेस के रिश्तों को स्थायित्व देगा। अगर लालगंज में RJD जीत दर्ज करती है, तो यह गठबंधन की एकजुटता की जीत मानी जाएगी। FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) Q1. लालगंज सीट से कौन-कौन चुनाव लड़ रहे हैं? A1. लालगंज से RJD की शिवानी शुक्ला और BJP के संजय सिंह आमने-सामने हैं। Q2. कांग्रेस ने उम्मीदवार क्यों वापस लिया? A2. गठबंधन धर्म निभाने और राजद के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए आदित्य राजा ने नामांकन वापस लिया। Q3. शिवानी शुक्ला कौन हैं? A3. वे बाहुबली नेता और पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की बेटी हैं, जो इस बार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। Q4. क्या यह सीट महागठबंधन के लिए अहम है? A4. हां, लालगंज सीट महागठबंधन की प्रतिष्ठा से जुड़ी मानी जा रही है। Q5. कुल कितने उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया है? A5. लालगंज, महुआ और महनार मिलाकर कुल 4 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिया। Q6. लालगंज में मतदान कब होगा? A6. लालगंज में दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर 2025 को मतदान होगा। 🔗 External Source: Hindustan Times – Bihar Election 2025 Updates

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