मुजफ्फरपुर, 20 अक्टूबर 2026। बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। मुजफ्फरपुर जिले में उत्पाद विभाग की टीम ने एक मिनी ट्रक से शराब की बड़ी खेप बरामद की है। शराब को मूढ़ी की बोरियों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगे होने की भी जानकारी सामने आई।
95 कार्टन शराब बरामद, दो गिरफ्तार
हिन्दुस्तान की 18 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, उत्पाद विभाग ने अहियापुर थाना क्षेत्र के भिखनपुर में शनिवार रात घेराबंदी कर मिनी ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान मूढ़ी की बोरियों के नीचे छिपाकर रखे गए शराब के 95 कार्टन बरामद किए गए।
कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक नरेश कुमार और उपचालक अजय शर्मा को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों राजस्थान के रहने वाले हैं। उत्पाद विभाग ने शराब और वाहन को जब्त कर आगे की जांच शुरू की।
पुलिस से बचने के लिए इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट
उत्पाद विभाग की प्रारंभिक जांच में ट्रक पर लगी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई। अधिकारियों को संदेह है कि शराब की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी।
हालांकि, शराब कहां से लाई गई थी और इसे मुजफ्फरपुर में किसे पहुंचाया जाना था, इस संबंध में पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए तस्करी के नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।
बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करी चुनौती
बिहार में शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद अलग-अलग तरीकों से शराब की खेप पहुंचाने की कोशिशें प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई हैं।
मुजफ्फरपुर की इस कार्रवाई में शराब छिपाने के लिए मूढ़ी की बोरियों का इस्तेमाल और फर्जी नंबर प्लेट का मामला सामने आया है। ऐसे मामलों में केवल खेप जब्त करना ही नहीं, बल्कि उसके स्रोत और वितरण नेटवर्क का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है।
उत्पाद विभाग की आगे की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में तस्करी का नेटवर्क कितना बड़ा है और शराब की आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी।
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