पटना, 7 नवंबर 2026।
बिहार की राजनीति में नवंबर के अंतिम सप्ताह से हलचल तेज होने वाली है। बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इस बार सत्र की अवधि पांच दिनों की निर्धारित की गई है। विधानसभा और विधान परिषद में राज्य के वित्तीय तथा विधायी मामलों पर चर्चा होगी।
सत्र को लेकर संसदीय कार्य विभाग और विधानसभा सचिवालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने 18वीं बिहार विधानसभा के चतुर्थ सत्र और बिहार विधान परिषद के 214वें सत्र को आहूत किया है। <Cite refs={["turn848058search1"]}/>
30 नवंबर को सुबह 11 बजे शुरू होगी कार्यवाही
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 नवंबर को सुबह 11 बजे दोनों सदनों की बैठक शुरू होगी। पहले दिन नए सदस्यों का शपथ ग्रहण, यदि आवश्यक हुआ, कराया जाएगा। इसके साथ ही सत्र के दौरान जारी किए गए अध्यादेशों की प्रमाणीकृत प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएंगी।
पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी पेश की जाएगी। सदन में शोक प्रकाश का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया है।
अनुपूरक बजट पर होगी महत्वपूर्ण चर्चा
शीतकालीन सत्र का प्रमुख एजेंडा द्वितीय अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक रहेगा। 3 दिसंबर को विधानसभा में अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा होगी। इसके बाद मतदान और विनियोग विधेयक पारित करने की प्रक्रिया निर्धारित है।
अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान अतिरिक्त खर्चों के लिए आवश्यक राशि का प्रावधान करती है। इसलिए इस विषय पर सदन की चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विधेयकों पर भी होगी चर्चा
1 और 2 दिसंबर को विधानसभा में राजकीय विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। विधान परिषद में भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गैर-सरकारी संकल्प और राजकीय विधेयकों पर कामकाज होगा।
4 दिसंबर को सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में गैर-सरकारी सदस्यों के संकल्प लिए जाएंगे। विधान परिषद में अनुपूरक बजट पर सामान्य वाद-विवाद और विनियोग विधेयक से संबंधित कार्यवाही प्रस्तावित है। <Cite refs={["turn848058search1"]}/>
बिहार की राजनीति में सत्र को लेकर बढ़ेगी गतिविधियां
पांच दिनों का यह सत्र राज्य सरकार के वित्तीय फैसलों और विधायी कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। सदन में सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
सत्र के दौरान विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों और सरकार के जवाब पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी। हालांकि, निर्धारित विधायी कार्यक्रम के अतिरिक्त कौन-कौन से मुद्दे सदन में उठेंगे, यह कार्यवाही शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 30 नवंबर को होगी और 4 दिसंबर को इसका समापन निर्धारित है।