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दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, AQI 367; GRAP-3 लागू, दिवाली से पहले बढ़ी चिंता

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर, AQI 367; GRAP-3 लागू, दिवाली से पहले बढ़ी चिंता

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नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026। राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। दिवाली से ठीक पहले दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। शनिवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 367 दर्ज किया गया। वहीं, राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।

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प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू किया है। अधिकारियों ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध और निगरानी उपाय शुरू किए हैं। दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से हवा की गुणवत्ता और खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

कई इलाकों में AQI 400 के पार

दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया। शनिवार सुबह IIT दिल्ली में AQI 445, पंजाबी बाग में 434 और विवेक विहार में 428 दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी और मुंडका जैसे इलाकों में भी वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वर्गीकरण के अनुसार, AQI 301 से 400 के बीच होने पर हवा बहुत खराब मानी जाती है। वहीं, 401 से 500 के बीच का स्तर गंभीर श्रेणी में आता है। ऐसे वातावरण में लंबे समय तक रहने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

दिवाली से पहले लागू हुए सख्त प्रतिबंध

दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं। निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, धूल नियंत्रण, सड़कों पर पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की निगरानी जैसे उपायों को मजबूत किया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को और अधिक बढ़ने से रोकना है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी प्रदूषण को कम करने में बाधा पैदा कर रही हैं।

स्कूलों और कार्यालयों को लेकर दिशा-निर्देश

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह भी दी गई है।

हालांकि, संबंधित संस्थानों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और आधिकारिक आदेशों के अनुसार ही व्यवस्था लागू करनी होगी।

प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण

दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं प्रमुख कारकों में शामिल हैं।

सर्दियों की शुरुआत में हवा की गति कम होने और वातावरण में तापमान संबंधी बदलाव के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब जमा हो सकते हैं। इससे प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ता है।

स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार, खराब वायु गुणवत्ता का प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर अधिक पड़ सकता है।

लोगों को सलाह दी जाती है कि प्रदूषण अधिक होने पर खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचें। जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क इस्तेमाल करें और बाहर की गतिविधियों को सीमित रखें। आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी या लगातार खांसी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

आने वाले दिनों में कैसी रहेगी दिल्ली की हवा?

मौसम और वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में 7 से 9 नवंबर के बीच हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका जताई गई है। दिवाली के दौरान पटाखों का इस्तेमाल प्रदूषण को और बढ़ा सकता है।

प्रशासन, नागरिकों और संबंधित एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से ही राजधानी में प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष: दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में प्रदूषण की गंभीर स्थिति चिंता का विषय है। GRAP-3 लागू होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार मौसम और प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर निर्भर करेगा। नागरिकों को सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

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