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Russia-Ukraine War: लक्ष्मी मित्तल के यूक्रेन स्टील प्लांट पर रूसी मिसाइल हमला, 2 की मौत; कई घायल

कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बड़े हवाई हमलों के कारण सुर्खियों में है। यूक्रेन के Kryvyi Rih शहर में स्थित दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी…

Russia-Ukraine War: लक्ष्मी मित्तल के यूक्रेन स्टील प्लांट पर रूसी मिसाइल हमला, 2 की मौत; कई घायल

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कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बड़े हवाई हमलों के कारण सुर्खियों में है। यूक्रेन के Kryvyi Rih शहर में स्थित दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल से जुड़ी ArcelorMittal की स्टील इकाई रूसी मिसाइल हमले की चपेट में आई है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है, जबकि 13 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन दोनों ने एक-दूसरे के क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। ArcelorMittal प्लांट पर हुआ हमला रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी हमले में यूक्रेन के Kryvyi Rih में मौजूद ArcelorMittal Kryvyi Rih स्टील प्लांट प्रभावित हुआ। Kryvyi Rih यूक्रेन का एक प्रमुख औद्योगिक शहर है और यहां स्थित स्टील प्लांट देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों में शामिल है। हमले के बाद प्लांट और आसपास के क्षेत्र में नुकसान की खबर सामने आई। राहत एवं आपातकालीन सेवाओं को मौके पर लगाया गया। 2 लोगों की मौत, कई घायल शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमले में दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। युद्ध की स्थिति के कारण हताहतों और नुकसान से जुड़े आंकड़ों में आगे बदलाव हो सकता है। लक्ष्मी मित्तल से क्या है कनेक्शन? ArcelorMittal दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल है और भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल लंबे समय से वैश्विक स्टील उद्योग का प्रमुख नाम रहे हैं। इसी कारण यूक्रेन स्थित ArcelorMittal प्लांट पर हुए हमले ने भारत में भी ध्यान खींचा है। हालांकि यह हमला किसी भारतीय प्रतिष्ठान के रूप में किए जाने का कोई स्थापित संकेत नहीं है। प्लांट यूक्रेन के महत्वपूर्ण औद्योगिक बुनियादी ढांचे का हिस्सा है और हमला रूस-यूक्रेन युद्ध के व्यापक घटनाक्रम के बीच हुआ है। Ukraine ने भी Russia पर किया बड़ा ड्रोन हमला इस हमले से पहले यूक्रेन की ओर से रूस के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन ने सैकड़ों ड्रोन के जरिए रूस के अंदर कई ठिकानों को निशाना बनाया। इसे युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन की ओर से किए गए सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक बताया जा रहा है। रूसी अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों में भी कई लोगों की मौत हुई है। रूस के Wildberries गोदाम भी बने निशाना यूक्रेनी हमलों में रूस की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी Wildberries से जुड़े गोदामों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। यूक्रेन का आरोप रहा है कि कुछ व्यावसायिक और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का इस्तेमाल रूसी सैन्य सप्लाई चेन में किया जा रहा है। वहीं रूस इन हमलों को अपने नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर हमला बताता रहा है। दोनों देशों के इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन युद्ध की परिस्थितियों में कई बार मुश्किल होता है। NATO के लिए भी बढ़ी चिंता रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब पड़ोसी NATO देशों की सुरक्षा पर भी दिखाई दे रहा है। ताजा घटनाक्रम में रोमानिया के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले एक ड्रोन को NATO एयर-पुलिसिंग मिशन में शामिल लड़ाकू विमान द्वारा मार गिराए जाने की खबर भी सामने आई है। इस घटना ने चिंता बढ़ा दी है कि रूस-यूक्रेन के बीच जारी ड्रोन युद्ध पड़ोसी देशों तक फैल सकता है। दोनों तरफ तेज हुए हवाई हमले युद्ध के मौजूदा चरण में रूस और यूक्रेन दोनों लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। यूक्रेन रूस के अंदर सैन्य, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि रूस लगातार यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे पर ड्रोन तथा मिसाइल हमले कर रहा है। इस कारण फ्रंटलाइन से दूर रहने वाले शहर भी अब लगातार हमलों की चपेट में आ रहे हैं। युद्ध के और खतरनाक होने की आशंका ताजा हमलों ने एक बार फिर संकेत दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध फिलहाल शांत होने के बजाय और अधिक तकनीक आधारित तथा लंबी दूरी के हमलों की तरफ बढ़ रहा है। ड्रोन और मिसाइलों की बढ़ती रेंज के कारण दोनों देशों के अंदर दूर स्थित औद्योगिक और रणनीतिक ठिकाने भी निशाने पर आ रहे हैं। ArcelorMittal के Kryvyi Rih स्टील प्लांट पर हुआ हमला इसी बढ़ते खतरे का नया उदाहरण है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच हमलों का यह नया दौर कहां तक जाता है और युद्ध रोकने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयास किसी नतीजे तक पहुंचते हैं या नहीं। डिस्क्लेमर: युद्ध क्षेत्र से आने वाली सूचनाएं तेजी से बदल सकती हैं। मृतकों, घायलों और नुकसान से जुड़े आंकड़े 17 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं और आधिकारिक अपडेट के बाद इनमें बदलाव संभव है।

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