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कुपोषण व अनिमिया को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

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कुपोषण व अनिमिया को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

जिले में मातृत्व अनिमिया एवं कुपोषित बच्चों की पहचान करते हुए आवश्यक जांच, उपचार और विशेष चिकित्सकीय सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग का निरंतर प्रयास जारी है

पूर्णिया. जिले में मातृत्व अनिमिया एवं कुपोषित बच्चों की पहचान करते हुए आवश्यक जांच, उपचार और विशेष चिकित्सकीय सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग का निरंतर प्रयास जारी है. इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा समुदायिक स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को लगातार प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं. इसी कड़ी में स्थानीय होटल में जिले के सभी प्रखंडों से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. यह प्रशिक्षण दो अलग-अलग बैच द्वारा दो दिनों में संपूर्ण किया जायेगा, जिसमें सभी प्रखंड के 89 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भाग ले रहे हैं.

अधिकारियों को नियमित दिया जाता है प्रशिक्षण

एकदिवसीय प्रशिक्षण की शुरूआत करते हुए डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को कुपोषित बच्चों एवं मातृत्व अनिमिया की पहचान के लिए विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है. इस दौरान सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को कुपोषित बच्चों की जानकारी आईसीडीएस महिला पर्यवेक्षिका या प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त करते हुए जांच और प्रबंधन करना सुनिश्चित करना है. इसके लिए एएनएम द्वारा प्रत्येक भीएचएसएनडी सत्र (आरोग्य दिवस) के दौरान क्षेत्र उपस्थित बच्चों की कुपोषण जांच करते हुए संबंधित जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करते हुए कुपोषित बच्चों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

कुपोषण एवं अनिमिया समाज के लिए चुनौती

डीसीएम संजय कुमार दिनकर ने बताया कि कुपोषण एवं अनिमिया हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है. माताओं व बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करना हमारी एक प्रमुख जिम्मेदारी है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एम्स पटना और यूनिसेफ विशेषज्ञों द्वारा बाल संवर्धन के लिए समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन के दस चरण की विस्तार से जानकारी दी गयी. सामुदायिक अधिकारियों को वृद्धि निगरानी और दोनों पैरों में सूजन की जांच, कुपोषित बच्चों के भूख का परिक्षण, चिकित्सा मूल्यांकन, देखभाल के स्तर का निर्णय, पोषण प्रबंधन, चिकित्सीय प्रबंधन, पोषण, साफ-सफाई पर परामर्श, नियमित निगरानी और गृह भ्रमण, समुदाय आधारित प्रबंधन कार्यक्रम से डिस्चार्ज, डिस्चार्ज के बाद वीएचएसएनडी स्तर पर मासिक फॉलोअप के बारे में जानकारी दी गयी. सोमवार को प्रथम बैच के लिए प्रशिक्षण की शुरुआत जिला स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम सोरेन्द्र कुमार दास, डीसीएम संजय कुमार दिनकर के साथ साथ यूनिसेफ राज्य पोषण पदाधिकारी डॉ संदीप घोष, यूनिसेफ राज्य सलाहकार प्रकाश सिंह, डॉ राघवेंद्र, यूनिसेफ जिला पोषण सलाहकार निधि भारती, जिला अनिमिया मुक्त भारत सलाहकार शुभम गुप्ता, यूनिसेफ प्रारंभिक बाल विकास मीडिया सलाहकार अमित दुबे, पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम लीड सोमेन अधिकारी, सनथ गुहा, संध्या कुमारी और सभी प्रखंड के चिह्नित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे.

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