जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एके 47 हथियार से की फायरिंग, पांच अपराधी मौके पर पकड़े गये
बिहार के पूर्णिया जिले में रविवार देर शाम एक बड़ा पुलिस ऑपरेशन सामने आया, जहां अपराधियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ की स्थिति बन गई। पूर्णिया कॉलेज चौक के पास एक निर्माणाधीन मकान में छिपे अपराधियों की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लेकिन जैसे ही अपराधियों ने पुलिस को देखा, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
इस पर पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए AK-47 से फायरिंग की, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि पुलिस की तत्परता से पांच अपराधियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि कुछ अन्य फरार होने में सफल रहे।
🚨 कैसे शुरू हुई मुठभेड़?
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी एक निर्माणाधीन मकान में इकट्ठा हुए हैं। यह मकान रघुवंशनगर क्षेत्र के मौजमपट्टी निवासी साहिल सौरभ का बताया जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम मकान के पास पहुंची, अपराधियों ने पहली मंजिल से फायरिंग शुरू कर दी।
✔️ अपराधियों ने 2 राउंड फायरिंग की
✔️ पुलिस ने AK-47 से जवाब दिया
✔️ इसके बाद अपराधी भागने लगे
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और मौके पर ही पांच अपराधियों को पकड़ लिया।
👮 कौन-कौन अपराधी गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने जिन पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:
- सिद्धू सिंह उर्फ सिंटू सिंह
- रूपेश कुमार यादव
- मुकेश सिंह
- नरसिंह
- शुभम कुमार
इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी साहिल सौरभ समेत 2-3 अन्य अपराधी मौके से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
🔫 बरामद हुए हथियार और कारतूस
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया।
✔️ 2 राइफल (315 बोर)
✔️ 53 जिंदा कारतूस
✔️ फायर किए गए खोखे
✔️ दो चार पहिया वाहन (स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर) etc
इसके अलावा, गिरफ्तार अपराधियों के पास से मोबाइल फोन और कारतूस रखने वाले बिनडोलिया भी बरामद किए गए।
🏃 भागने के दौरान घायल हुआ आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी सिद्धू सिंह भागने के दौरान छत से कूद गया, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। इसके बावजूद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने फरार आरोपी साहिल सौरभ का नाम बताया, जो हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था।
🚔 गाड़ियों का भी हुआ इस्तेमाल
अपराधियों ने इस ऑपरेशन के लिए दो गाड़ियों का इस्तेमाल किया था:
- स्कॉर्पियो (BR11 8F 5379)
- फॉर्च्यूनर (BR11 8H 0004)
दोनों गाड़ियों को घटनास्थल से जब्त कर लिया गया है।
🗣️ पुलिस का बयान
पूर्णिया की एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। पुलिस ने पहले इलाके की घेराबंदी की, लेकिन अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि स्थिति को देखते हुए पुलिस को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
⚠️ क्या था अपराधियों का मकसद?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सभी अपराधी वहां क्यों इकट्ठा हुए थे। पूछताछ के दौरान आरोपी इस सवाल पर चुप्पी साधे रहे।
हालांकि पुलिस को शक है कि किसी बड़ी वारदात की योजना बनाई जा रही थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
📢 निष्कर्ष
पूर्णिया में हुई यह पुलिस कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित बड़ी घटना टल गई।
पुलिस अब फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बिहार पुलिस अपराध के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।
❓ FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. यह घटना कहां हुई?
👉 पूर्णिया कॉलेज चौक के पास।
Q2. कितने अपराधी गिरफ्तार हुए?
👉 कुल 5 अपराधी गिरफ्तार किए गए।
Q3. क्या पुलिस ने फायरिंग की?
👉 हां, AK-47 से जवाबी फायरिंग की गई।
Q4. कितने हथियार बरामद हुए?
👉 2 राइफल और 53 कारतूस।
Q5. मुख्य आरोपी कौन है?
👉 साहिल सौरभ, जो फरार है।
Q6. क्या कोई घायल हुआ?
👉 हां, एक आरोपी भागने के दौरान घायल हुआ।



