विमलेन्दु शेखर झा विवाद: आरएम कॉलेज में शिक्षकों ने कुलपति के समर्थन में पारित किया निंदा प्रस्ताव
विमलेन्दु शेखर झा विवाद को लेकर सहरसा के राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय (आरएम कॉलेज) में बुधवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक स्वर में कुलपति पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए उनके समर्थन में निंदा प्रस्ताव पारित किया।
बैठक में क्या हुआ?
Saharsa स्थित आरएम कॉलेज में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य डॉ. ललित नारायण मिश्र ने की। बैठक में सहायक प्राध्यापक, अतिथि शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान:
- कुलपति पर लगे आरोपों की कड़ी निंदा की गई
- आरोपों को बदले की भावना से प्रेरित बताया गया
- एक औपचारिक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया
कुलपति के कार्यकाल की सराहना
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि Vimalendu Shekhar Jha ने कुलपति का पद संभालने के बाद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाया है।
उनके योगदान को लेकर कहा गया:
- परिसर में अनुशासन और गुणवत्ता में सुधार
- महिला सुरक्षा और सम्मान पर विशेष ध्यान
- छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहतर माहौल
आरोपों को बताया साजिश
कई शिक्षकों ने आरोप लगाया कि कुलपति की छवि को धूमिल करने के लिए साजिश रची जा रही है।
प्रमुख बातें:
- आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताए गए
- इसे “बेहद हास्यास्पद” और “बेबुनियाद” कहा गया
- विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया गया
महिला शिक्षकों ने भी जताया समर्थन
महिला सहायक प्राध्यापकों ने भी कुलपति के समर्थन में खुलकर बात रखी।
उन्होंने कहा:
- कुलपति का चरित्र साफ और पारदर्शी है
- महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में उनका योगदान अहम है
- आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
सोशल मीडिया ट्रेंड पर भी उठे सवाल
कुछ शिक्षकों ने यह भी कहा कि आजकल बड़े पदों पर बैठे लोगों पर आरोप लगाकर वायरल होने का चलन बढ़ गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि:
- इससे संस्थानों की साख प्रभावित होती है
- शिक्षा का माहौल खराब होता है
कुलपति के पक्ष में एकजुटता
बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर कुलपति के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
उन्होंने कहा कि:
- ऐसे आरोपों का उद्देश्य दबाव बनाना हो सकता है
- निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी
- विश्वविद्यालय के हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए
निष्पक्ष जांच की मांग
हालांकि, समर्थन के साथ-साथ शिक्षकों ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह की गलतफहमी दूर हो।
निष्कर्ष
विमलेन्दु शेखर झा विवाद ने बीएन मंडल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल में हलचल जरूर पैदा की है, लेकिन आरएम कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों ने कुलपति के समर्थन में खड़े होकर यह संदेश दिया है कि संस्थान की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
अब इस मामले में आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
FAQs
1. यह बैठक कहां हुई?
सहरसा के आरएम कॉलेज में।
2. किसके खिलाफ आरोप लगे हैं?
बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति विमलेन्दु शेखर झा के खिलाफ।
3. बैठक में क्या निर्णय लिया गया?
कुलपति के समर्थन में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
4. आरोपों को क्या बताया गया?
निराधार और साजिश से प्रेरित।
5. क्या जांच की मांग की गई है?
हाँ, निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
6. कौन-कौन शामिल थे?
शिक्षक, कर्मचारी और महिला प्राध्यापक।



