अंधेर नगरी राज करता राजा—यह सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि आज के समाज की कई कड़वी सच्चाइयों को बयां करती हकीकत बन चुकी है। स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार प्रदीप कुमार नायक का यह लेख न केवल उनकी व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी है, बल्कि उस सिस्टम की भी झलक दिखाता है, जहां सच बोलना और लिखना आसान नहीं रह गया है। …



