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1 अप्रैल से टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस: रौतारा टोल सहित कई जगह शुल्क में बढ़ोतरी

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1 अप्रैल 2026 से देशभर में टोल भुगतान प्रणाली में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के निर्देशानुसार अब सभी टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस हो गए हैं। यानी अब किसी भी टोल बूथ पर नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। वाहन चालकों को केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही टोल शुल्क का भुगतान करना होगा।

यह कदम डिजिटल इंडिया पहल को आगे बढ़ाने और सड़क यातायात को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। खासतौर पर बिहार के पूर्णिया-कटिहार मार्ग (NH-131A) पर स्थित रौतारा टोल प्लाजा पर भी यह नया नियम लागू कर दिया गया है।


क्या है नया नियम?

नए नियम के अनुसार:

  • सभी टोल प्लाजा अब 100% डिजिटल भुगतान प्रणाली पर चलेंगे
  • नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है
  • केवल FASTag या UPI के जरिए भुगतान स्वीकार होगा
  • बिना FASTag या बैलेंस के वाहन चालकों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है

इस बदलाव से टोल प्लाजा पर रुकावट कम होगी और वाहन तेजी से गुजर सकेंगे।


रौतारा टोल प्लाजा पर बढ़े शुल्क

रौतारा टोल प्रशासन ने जानकारी दी है कि डिजिटल प्रणाली लागू करने के साथ-साथ कुछ श्रेणियों में टोल शुल्क में बढ़ोतरी भी की गई है। यह बढ़ोतरी वार्षिक शुल्क पुनरीक्षण के तहत की गई है।

नई दरें इस प्रकार हैं:

वाहन श्रेणी बढ़ोतरी
2 एक्सल बस/वाहन ₹10
3 एक्सल वाहन ₹15
4 एक्सल वाहन ₹15
ओवरसाइज़्ड (OSV) वाहन ₹15

यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से भारी वाहनों पर लागू की गई है, जिससे माल ढुलाई लागत पर थोड़ा असर पड़ सकता है।


कार चालकों को मिली राहत

चार पहिया निजी वाहनों के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य टोल शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, मासिक पास लेने वाले वाहन चालकों के लिए ₹10 की मामूली वृद्धि लागू की गई है।

इसका मतलब यह है कि:

  • दैनिक यात्रियों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा
  • स्थानीय लोगों के लिए खर्च में हल्की वृद्धि होगी
  • नियमित उपयोगकर्ताओं को अभी भी कुछ हद तक सुविधा मिलेगी

FASTag बैलेंस रखना अब जरूरी

नए नियम लागू होने के बाद वाहन चालकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे यात्रा से पहले अपने FASTag खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें।

अगर बैलेंस नहीं होगा तो:

  • वाहन को टोल प्लाजा पर रोका जा सकता है
  • दोगुना टोल शुल्क लिया जा सकता है
  • यात्रा में देरी हो सकती है

इसलिए सफर पर निकलने से पहले FASTag रिचार्ज करना बेहद जरूरी हो गया है।


डिजिटल टोल सिस्टम के फायदे

NHAI के अनुसार, देशभर में पहले ही 98% से अधिक टोल भुगतान FASTag के जरिए हो रहा था। ऐसे में पूरी तरह डिजिटल प्रणाली लागू करना एक स्वाभाविक कदम था।

इससे होने वाले प्रमुख फायदे:

  1. जाम में कमी: टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम होगी
  2. समय की बचत: वाहन बिना रुके गुजर सकेंगे
  3. ईंधन की बचत: लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत नहीं
  4. पारदर्शिता: डिजिटल भुगतान से भ्रष्टाचार की संभावना कम
  5. सुविधा: मोबाइल से तुरंत भुगतान संभव

स्थानीय लोगों पर प्रभाव

रौतारा टोल जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों पर इस बदलाव का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।

सकारात्मक असर:

  • यात्रा आसान और तेज होगी
  • लंबी कतारों से राहत मिलेगी

नकारात्मक असर:

  • मासिक पास महंगा हुआ
  • डिजिटल भुगतान की जानकारी न होने पर परेशानी

इसलिए प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है।


क्या UPI से भी भुगतान संभव है?

हाँ, अब टोल प्लाजा पर UPI के माध्यम से भी भुगतान किया जा सकता है। हालांकि FASTag सबसे तेज और प्राथमिक माध्यम रहेगा।

UPI भुगतान के लिए:

  • QR कोड स्कैन करना होगा
  • मोबाइल इंटरनेट जरूरी होगा
  • भुगतान में थोड़ा समय लग सकता है

इसलिए नियमित यात्रियों के लिए FASTag अधिक सुविधाजनक रहेगा।


निष्कर्ष

1 अप्रैल 2026 से लागू हुई यह नई कैशलेस टोल प्रणाली देश के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रौतारा टोल प्लाजा सहित कई स्थानों पर शुल्क में बढ़ोतरी जरूर की गई है, लेकिन इसके साथ मिलने वाली सुविधाएं जैसे तेज यात्रा, कम जाम और पारदर्शिता इस बदलाव को सार्थक बनाती हैं।

अब वाहन चालकों के लिए यह जरूरी है कि वे डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाएं और यात्रा से पहले अपने FASTag को अपडेट रखें। आने वाले समय में यह व्यवस्था और भी बेहतर और स्मार्ट बनने की उम्मीद है।

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