भारत मंडपम में एआई प्रदर्शनी का उद्घाटन, 600 से अधिक स्टार्टअप और 13 देशों की भागीदारी
नई दिल्ली, 17 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ को विचारों, नवोन्मेष और इरादों का एक शक्तिशाली संगम बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की तकनीकी क्षमता, नवाचार की शक्ति और भविष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।
प्रधानमंत्री ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह एक्सपो ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के साथ आयोजित हो रहा है और पांच दिनों तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, स्टार्टअप, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
एआई में वैश्विक सहयोग की झलक
इस प्रदर्शनी में 13 देशों के विशेष मंडप स्थापित किए गए हैं, जो एआई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाते हैं। इन मंडपों में विभिन्न देशों द्वारा विकसित कृत्रिम मेधा आधारित समाधान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार प्रदर्शित किए जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य एआई इकोसिस्टम में नई साझेदारियों को बढ़ावा देना और वैश्विक स्तर पर सहयोग को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत एआई को “जिम्मेदार और समावेशी” तरीके से विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
600 से अधिक स्टार्टअप की भागीदारी
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं। ये स्टार्टअप स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जलवायु परिवर्तन, वित्त और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं। कई स्टार्टअप ऐसे हैं, जिनके उत्पाद पहले से ही वास्तविक जीवन में उपयोग किए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर लोगों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी में 300 से अधिक क्यूरेटेड एग्जिबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए गए हैं। इन्हें ‘पीपल’, ‘प्लैनेट’ और ‘प्रोग्रेस’ जैसी थीम के तहत डिजाइन किया गया है, ताकि एआई के सामाजिक, पर्यावरणीय और आर्थिक प्रभावों को दर्शाया जा सके।
भारत को एआई हब बनाने की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा आबादी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम देश को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नीति और नवाचार के बीच संतुलन बनाते हुए एआई को जिम्मेदार तरीके से आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सपो भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे निवेश, शोध सहयोग और तकनीकी विकास के नए अवसर खुलेंगे।
आगे की राह
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ के माध्यम से भारत ने यह संदेश दिया है कि वह एआई के क्षेत्र में न केवल उपभोक्ता, बल्कि निर्माता और नवाचार केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में एआई आधारित समाधान शासन, उद्योग और आम नागरिक के जीवन में व्यापक बदलाव ला सकते हैं।



