पणजी, 24 सितंबर (भाषा)।
गोवा के राज्यपाल पी. अशोक गजपति राजू ने देश में घटती जन्म दर पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस समय भारत को पूरी दुनिया में एक युवा राष्ट्र के रूप में देखा जाता है, लेकिन अगर जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दो दशकों में भारत अपना जनसांख्यिकीय लाभ खो सकता है।
भारत की मौजूदा स्थिति
भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। यहां औसत आयु लगभग 28 वर्ष है और कार्यशील जनसंख्या बड़ी संख्या में मौजूद है। यही कारण है कि भारत को “जनसांख्यिकीय लाभ” (Demographic Dividend) हासिल है।
राज्यपाल की चेतावनी
राज्यपाल राजू ने कहा कि जन्म दर में लगातार गिरावट एक गंभीर मुद्दा है। यदि सरकार और समाज इस पर ध्यान नहीं देंगे तो आने वाले वर्षों में बुजुर्ग आबादी का बोझ बढ़ेगा और भारत अपनी आर्थिक प्रतिस्पर्धा खो सकता है।
सुधारात्मक उपायों की जरूरत
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसी नीतियाँ लानी होंगी जो युवाओं की क्षमता का सही उपयोग सुनिश्चित करें। साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर अधिक निवेश करने की आवश्यकता है ताकि घटती जन्म दर के बावजूद देश आर्थिक प्रगति कर सके।
निष्कर्ष
गोवा के राज्यपाल का यह बयान भारत के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। यदि जन्म दर में गिरावट को समय रहते संतुलित नहीं किया गया तो देश अपनी जनसांख्यिकीय बढ़त खो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशक भारत की आर्थिक दिशा और जनसंख्या नीति के लिए निर्णायक होंगे।



