अमेरिका-भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की कल बैठक, सैन्य-तकनीकी संबंधों पर होगी चर्चा
सोमवार को भारत और अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच दिल्ली में बैठक होगी. जिसमें दोनों देशों के हथियार और सैन्य तकनीकी के आदान-प्रदान को लेकर चर्चा की जाएगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार पदभार संभालने के बाद, भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज (आईसीईटी) पहल की बहुप्रतीक्षित दूसरी बैठक के लिए एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे. दोनों देशों के एनएसए की ये बैठक 17-18 जून को होगी. शीर्ष सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, आईसीईटी की मुख्य बैठक का आयोजन सोमवार और मंगलवार को किया जाएगा. जिसमें 31 जनवरी, 2023 को वाशिंगटन बैठक में विचार की गई सभी परियोजनाओं की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित रहेगा. जिसमें तेजस मार्क II लड़ाकू विमानों के लिए GE-414 जेट इंजन की प्रौद्योगिकी का ट्रांसफर भी शामिल है.
पीएम मोदी और जो बाइडेन की इटली में हुई मुलाकात
हाल ही में इटली के अपुलीया में हुए जी7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच हुई मुलाकात से यह स्पष्ट हो गया कि दोनों देशों के बीच रिश्ते पहले जैसे ही गहरे हैं. जी-7 वार्ताकारों के अनुसार, इंडो-पैसिफिक में विस्तारवादी चीन के खतरे के बीच पीएम मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन दोनों स्पष्ट रूप से संबंधों को आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं. बता दें कि जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के बाद पीएम मोदी शनिवार को ही स्वदेश लौटे हैं.
पेरिस जाएंगे एनएसए डोभाल
बता दें कि भारत को 31 MQ9B सशस्त्र प्रीडेटर ड्रोन की बिक्री के लिए बातचीत करने के लिए एक अमेरिकी टीम पहले से ही भारत पहुंच गई है. ठीक उसी तरह जैसे आईएनएस विक्रांत के लिए 26 राफेल-मैरीटाइम फाइटर सौदे पर बातचीत करने के लिए एक फ्रांसीसी टीम भारत में है. वहीं एनएसए अजीत डोभाल सैन्य संबंधों को गहरा करने के लिए अपने समकक्ष इमैनुएल बोन और सैन्य समकक्ष के साथ बैठक के लिए 20-21 जून को पेरिस में होंगे.
क्या है कल होने वाली बैठक का मकसद
सोमवार को होने वाली आईसीईटी बैठक के दौरान, एनएसए डोभाल और सुलिवन रक्षा क्षेत्र में तकनीकी के आदान प्रदान पर चर्चा करेंगे. जिसमें जेट इंजन, गोला-बारूद और अन्य प्रणालियों के संयुक्त विकास और उत्पादन के लिए दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग में तेजी लाई जा सके. बैठक में दोनों देशों के एनएसए एक नए द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप के मसौदे पर चर्चा करेंगे.



