J . N .U में विरोध के दौरान लाठी चार्ज छात्रों की हालत हुइ गंभीर
यह खून से लतपत जिस्म, सर पर बैंडेज, पीठ पर ज़ख्म का निशान और हॉस्पिटल के बिस्तर पर लेटा हुआ नौवजान. यह सब छात्र हैं, यह क्रिमनल नहीं है.
अपने हक की लड़ाई लड़ने वाले, सस्ती और अच्छी शिक्षा पाने के लिए, फीस में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ लड़ने वाले छात्रों ने अपने हक़ को पाने के लिए यह प्रोटेस्ट किया, इनके जज्बे को सलाम है।
कौन हैं यह लोग, क्यों और कैसे इनको लगी चोट. जी हाँ इन को दिल्ली पुलिस ने मारा है, #JNU स्टूडेंट कई दिनों से फीस कि बढ़ोतरी को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे. आज जेएनयू के हजारों छात्र कैंपस से संसद भवन कि तरफ शांतिपूर्वक मार्च कर रहे थे तभी दिल्ली पुलिस ने उनको रोकने के लिए बेदर्दी से लाठियां चलाईं, छात्रों को दिल्ली के मुख्तलिफ थानों में ले जा कर बंद किया, संसद भवन की तरफ बढ़ते हुए मार्च को रोकने के लिए दिल्ली मेट्रो कुछ स्टेशन के सारे दरवाजों को बंद कर दिया गया।
इन छात्रों का एक सिंपल डिमांड यह था कि बढ़ी हुई फीस वापस ले ली जाए, उसी के लिए शांति मार्च था, छात्र हमेशा अपने हक़ कि आवाज़ उठाते रहे हैं, चाहे उन्हें कितनी ही लाठी खानी पड़ी हो, इतिहास गवाह है हमेश कामयाबी उनको मिली है और पूरी उम्मीद है कि छात्र अपना हक़ ले कर रहेंगे.



