Home खास खबर सुपुर्द-ए-खाक हुआ माफिया अतीक का ‘वारिस’ असद, दूध का कर्ज भी न माफ कर सकी शाइस्ता परवीन

सुपुर्द-ए-खाक हुआ माफिया अतीक का ‘वारिस’ असद, दूध का कर्ज भी न माफ कर सकी शाइस्ता परवीन

16 second read
Comments Off on सुपुर्द-ए-खाक हुआ माफिया अतीक का ‘वारिस’ असद, दूध का कर्ज भी न माफ कर सकी शाइस्ता परवीन
0
290
asad ahmed 60

Asad buried in Prayagraj, father Atiq Ahmed and Mother Shaista Parveen fails to attend : अतीक अहमद का माफिया साम्राज्य मिट्टी में मिल चुका है. अब उसका वारिस असद अहमद भी मिट्टी में मिल गया है. प्रयागराज में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया. अतीक अहमद दो दिनों से थाने में पुलिस की पूछताछ में फंसा रहा. रोता रहा. कोर्ट तक गया कि उसे आखिरी बार बेटे का चेहरा देख लिया जाए. उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने दिया जाए. लेकिन कोर्ट के फैसले से पहले ही असद को दफना दिया गया. नाना और मौसा मौजूद थे. इसके अलावा परिवार का कोई भी सदस्य प्रयागराज के कसरी-मसरी कब्रिस्तान में मौजूद नहीं था. यहां तक कि उसकी मां शाइस्ता परवीन भी उसका चेहरा देखकर उसके दूध का कर्ज माफ नहीं कर सकी.

आखिरी बार चेहरा देखकर मां करती है दूध का कर्ज माफ

इस्लाम के नियमों के मुताबिक, किसी भी बेटे का फर्ज होता है मां-बाप की जीवन भर सेवा करना. तभी वो अपने दूध का कर्ज उतार पाता है. लेकिन किन्हीं कारणवश अगर बेटे की मौत मां से पहले हो जाए, तो मां अपने बेटे का आखिरी बार चेहरा देखकर उसे दूध के कर्ज से मुक्त करती है. कहा जाता है कि इसके बाद ही मृतक की रूह जन्नत जा सकती है. क्योंकि वो मां के दूध के कर्ज से मुक्त हो चुका होता है. लेकिन असद अहमद इस मामले में भी अभागा निकला. अकाल मौत के बाद उसी मामले में भगोड़ी घोषित मां शाइस्ता परवीन उसका चेहरा आखिरी बार भी नहीं देख सकी और उसे दूध के कर्ज से मुक्त भी नहीं कर सकी. इससे बड़ी चोट किसी मां-बाप के लिए और क्या हो सकती है कि न तो पिता आखिरी बार बेटे को देख सका और न ही मां उसे दूध के कर्ज से मुक्त कर सकी.

प्रयागराज के कसरी-मसरी कब्रिस्तान में असद को किया गया सुपुर्द-ए-खाक

असद अहमद को प्रयागराज के कसरी-मसरी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया. 5 लाख के ईनामी रहा असद अहमद मारा गया था. उसके चाचा अशरफ से भी पुलिस पूछताछ कर रही है. उसका पिता अतीक भी पुलिस थाने में बैठा है और पुलिस पूछताछ में शामिल हो रहा है. इस बीच उसके चाचा अशरफ का बयान आया है कि असद अल्लाह की चीज थी, अल्लाह ने ही ले लिया. अब कोई बताए कि कर्म ही इंसान का मुस्तकबिल तय करता है.

Load More Related Articles
Load More By Seemanchal Live
Load More In खास खबर
Comments are closed.

Check Also

‘जबरन शराब पिलाई, नाचने को किया मजबूर’ पूर्णिया में युवती से सामूहिक दुष्कर्म, गैरेज में पूरी रात चला हैवानियत का खेल

पूर्णिया।बिहार के पूर्णिया जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर राज्य…