पटना।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर राज्यव्यापी दौरे पर निकलने जा रहे हैं। इस यात्रा को ‘समृद्धि यात्रा’ नाम दिया गया है, जिसकी शुरुआत 16 जनवरी से होगी। यात्रा को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री बिहार के विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे।
15वीं यात्रा पर निकलेंगे मुख्यमंत्री नीतीश
‘समृद्धि यात्रा’ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 15वीं आधिकारिक यात्रा होगी। इससे पहले वे प्रगति यात्रा, समाधान यात्रा, विकास यात्रा और समाज सुधार यात्रा जैसी कई यात्राओं के जरिए प्रशासनिक निगरानी और जनसंवाद कर चुके हैं। खरमास समाप्त होते ही मुख्यमंत्री इस महत्वाकांक्षी यात्रा पर निकलेंगे, जिसे आगामी विधानसभा कार्यकाल के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
चार चरणों में होगी समृद्धि यात्रा
मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार, ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान चार प्रमुख कार्यक्रम तय किए गए हैं—
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प्रगति यात्रा और सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं का निरीक्षण
मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा और सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत चल रही योजनाओं के साथ-साथ जिले की अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के स्थलों का निरीक्षण करेंगे। -
शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम
विभिन्न जिलों में नई परियोजनाओं का शिलान्यास, तैयार योजनाओं का उद्घाटन और लंबित कार्यों का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। -
जनसंवाद कार्यक्रम
मुख्यमंत्री आम जनता से सीधे संवाद करेंगे। जनसंवाद के माध्यम से वे जनता की समस्याएं, सुझाव और शिकायतें सुनेंगे। -
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक
प्रत्येक जिले में विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी, जिसमें प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
अफसरों को सख्त निर्देश, तैयारी में जुटा प्रशासन
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, डीजीपी, प्रमंडलीय आयुक्त, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे यात्रा से संबंधित सभी तैयारियां समय पर पूरी करें।
योजना स्थल निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, जबकि समीक्षा बैठकों में डीजीपी और संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।
चंपारण से हो सकती है शुरुआत
हालांकि अभी तक यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री इस बार भी चंपारण से यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं। ऐतिहासिक और राजनीतिक दृष्टि से चंपारण मुख्यमंत्री की यात्राओं का पारंपरिक प्रारंभिक बिंदु रहा है।
चुनावी जीत के बाद पहली बड़ी प्रशासनिक यात्रा
हाल ही में विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड जीत मिली है और नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। ऐसे में ‘समृद्धि यात्रा’ को सरकार की प्राथमिकताओं, विकास की दिशा और प्रशासनिक कसावट के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विकास और सुशासन पर रहेगा फोकस
सरकारी सूत्रों के अनुसार, समृद्धि यात्रा का मुख्य उद्देश्य विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन, अफसरों की जवाबदेही तय करना और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के निष्कर्ष आगामी नीतियों और प्रशासनिक फैसलों में अहम भूमिका निभाएंगे।



