नई दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से टेलीफोन पर बातचीत की और पड़ोसी देश में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के उनके प्रयासों के प्रति भारत के मजबूत समर्थन की पुष्टि की।
नेपाल में हालिया हिंसा और जनहानि
नेपाल हाल ही में Gen Z आंदोलन और हिंसक विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहा था। इस दौरान कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ हुई, जिससे व्यापार और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे गंभीर असर नेपाल-भारत सीमा पर स्थित प्रमुख व्यापारिक नाकों पर देखने को मिला। कई दिनों तक आयात-निर्यात ठप रहने से दोनों देशों के बीच सामान की आवाजाही प्रभावित रही।
मोदी ने सुशीला कार्की से बातचीत में इन घटनाओं पर चिंता जताई और हिंसा के दौरान जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
भारत का समर्थन और सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, नेपाल की जनता और सरकार के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत हर संभव मदद और सहयोग देगा, ताकि पड़ोसी देश में जल्द से जल्द शांति बहाल हो सके।
मोदी ने अपने एक्स (Twitter) पोस्ट में लिखा:
“नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से बातचीत की। हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों में हुई जनहानि पर हार्दिक संवेदना व्यक्त की। भारत नेपाल में शांति और स्थिरता कायम करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है।”
नेपाल की तरफ से प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने भी मोदी का आभार व्यक्त किया और भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जनता के विश्वास को कायम रखते हुए जल्द ही स्थिरता और शांति की बहाली सुनिश्चित करेगी।
नेपाल-भारत संबंधों पर असर
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नेपाल भारत का पड़ोसी और ऐतिहासिक साझेदार देश है।
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दोनों देशों के बीच खुले बॉर्डर, सांस्कृतिक रिश्ते और गहरा व्यापारिक जुड़ाव है।
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हाल के वर्षों में कई चुनौतियों के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद जारी है।
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मोदी और कार्की की बातचीत को राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।



