प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। यह शुभकामना ऐसे समय में आई है, जब राष्ट्रीय राजनीति में दोनों नेताओं के बीच मतभेद जगजाहिर रहे हैं, लेकिन इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश शिष्टाचार और संवैधानिक मर्यादा को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि वे ममता बनर्जी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना करते हैं। प्रधानमंत्री के इस संदेश को राजनीतिक हलकों में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
70 वर्ष की हुईं ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को हुआ था। इस साल उन्होंने अपना 70वां जन्मदिन मनाया। वे पश्चिम बंगाल की राजनीति की सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक मानी जाती हैं और लगातार तीसरी बार राज्य की मुख्यमंत्री हैं।
तीन बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड
ममता बनर्जी ने वर्ष 2011 में वाम मोर्चा के 34 साल लंबे शासन का अंत करते हुए पश्चिम बंगाल में सत्ता संभाली थी। इसके बाद उन्होंने
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2016
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2021
में लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद पर अपनी पकड़ मजबूत की। उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) आज भी राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनी हुई है।
देशभर से मिलीं बधाइयां
ममता बनर्जी के जन्मदिन पर उन्हें न सिर्फ राज्य के नेताओं, बल्कि देशभर के कई राजनीतिक दलों के नेताओं, सांसदों और समर्थकों ने शुभकामनाएं दीं। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर जन्मदिन मनाया।
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद शुभकामना
प्रधानमंत्री मोदी और ममता बनर्जी के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद रहे हैं, खासकर
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केंद्र-राज्य संबंध
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संघीय ढांचा
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विभिन्न नीतिगत मामलों
को लेकर। इसके बावजूद प्रधानमंत्री द्वारा जन्मदिन की शुभकामना देना लोकतांत्रिक परंपराओं और आपसी सम्मान का उदाहरण माना जा रहा है।
समर्थकों में उत्साह
ममता बनर्जी के समर्थकों में जन्मदिन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई जगहों पर सामाजिक सेवा कार्यक्रम, रक्तदान शिविर और जरूरतमंदों के लिए सहायता कार्यक्रम आयोजित किए गए।



