पटना:
बिहार की राजनीति में उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की संपत्ति को लेकर बड़ा ऐलान किया।
एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू यादव की अवैध संपत्ति को सरकार जब्त करेगी और उस संपत्ति का उपयोग बिहार के गरीब बच्चों के लिए स्कूल खोलने में किया जाएगा।
सम्राट चौधरी ने कहा,
“मैंने चुनाव से पहले भी कहा था कि लालू यादव की अवैध संपत्ति को सरकार जब्त करेगी। उस जमीन पर गरीबों के लिए स्कूल खोले जाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में जो भी व्यक्ति अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करेगा, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, उसे जेल जाना पड़ेगा और उसकी संपत्ति जनता के हित में उपयोग की जाएगी।
सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव को पंजीकृत अपराधी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ अवैध संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच जारी है और सरकार इसके लिए पूरी तैयारी कर रही है।
गौरतलब है कि लालू यादव पहले से ही जमीन के बदले नौकरी मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर हैं और इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई भी चल रही है।
जदयू ने भी किया समर्थन
भाजपा के इस बयान को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का भी समर्थन मिला है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव द्वारा अर्जित की गई अवैध संपत्ति को तुरंत अटैच किया जाना चाहिए।
नीरज कुमार ने कहा कि
“जब्त की गई जमीन पर सरकार स्कूल, कॉलेज, दलित छात्रावास और अल्पसंख्यक छात्रावास जैसे भवन बनाएगी, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को लाभ मिल सके।”
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।



