तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति में RJD की बड़ी संगठनात्मक बैठक आज पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित की जा रही है।
पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राजनीति उस वक्त चर्चा के केंद्र में आ गई, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति में पार्टी ने एक बड़ी संगठनात्मक बैठक बुलाई। यह बैठक राजद प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में आयोजित की जा रही है। सबसे अहम बात यह है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में तेजस्वी यादव खुद मौजूद नहीं हैं, जिससे पार्टी के अंदरखाने में चल रही चर्चाओं और मंथन पर सबकी नजर टिक गई है।
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी क्यों अहम?
तेजस्वी यादव पिछले करीब एक महीने से बिहार से बाहर हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार वे निजी कारणों से विदेश में हैं और 3 जनवरी को होने वाली इस बैठक में भी शामिल नहीं होंगे। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब पार्टी विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा कर रही है, तब नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी क्या किसी बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा कर रही है।
मंगनीलाल मंडल की अध्यक्षता में बैठक
इस अहम बैठक की अध्यक्षता राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल करेंगे। बैठक में बिहार के सभी प्रमंडलों के प्रभारी, जिला प्रभारी और प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। पार्टी नेतृत्व इसे पूरी तरह संगठनात्मक समीक्षा बैठक बता रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे चुनावी हार के बाद जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनावी हार की होगी गहन समीक्षा
सूत्रों के मुताबिक बैठक में हालिया विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यह देखा जाएगा कि
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कहां संगठन कमजोर पड़ा
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किन जिलों में कार्यकर्ता निष्क्रिय रहे
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प्रचार और रणनीति में कहां चूक हुई
इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। पार्टी नेतृत्व यह भी जानना चाहता है कि चुनावी हार की असली वजह संगठनात्मक कमजोरी थी या गठबंधन में तालमेल की कमी।
महागठबंधन में बढ़ती तल्खी
बैठक ऐसे समय में हो रही है जब महागठबंधन के भीतर तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता शकील अहमद खान के बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी थी, जिसमें उन्होंने राजद के साथ गठबंधन पर सवाल उठाए थे। इस बयान के बाद राजद और कांग्रेस के रिश्तों में आई खटास को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
कर्पूरी ठाकुर जयंती की तैयारी
राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया कि बैठक में 24 जनवरी को भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती की तैयारियों की भी समीक्षा होगी। सभी जिलों से रिपोर्ट ली जाएगी कि जयंती कार्यक्रम को लेकर क्या-क्या तैयारियां की गई हैं और इसे जनआंदोलन का रूप कैसे दिया जाए।
“सभी जिलों में कर्पूरी ठाकुर जयंती को लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी,”
— चितरंजन गगन, प्रवक्ता, RJD
संगठन को नई ऊर्जा देने की कोशिश
राजद के एक अन्य प्रवक्ता एजाज अहमद का कहना है कि यह बैठक संगठन को नई ऊर्जा देने के लिहाज से बेहद अहम है। जिलों से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी आगे की दिशा तय करेगी।
“यह पूरी तरह संगठनात्मक बैठक है। जमीनी हकीकत, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और कार्यक्रमों की समीक्षा कर आगे की रणनीति बनेगी,”
— एजाज अहमद, प्रवक्ता, RJD
तेजस्वी यादव को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
बैठक में निकले निष्कर्षों और सुझावों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सौंपा जाएगा। तेजस्वी यादव के 5 जनवरी के बाद पटना लौटने की संभावना जताई जा रही है। उनके लौटने के बाद ही पार्टी अंतिम राजनीतिक और संगठनात्मक फैसले ले सकती है।
बड़ा सवाल बरकरार
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या यह बैठक सिर्फ संगठन मजबूत करने तक सीमित रहेगी, या फिर चुनावी हार की जिम्मेदारी तय होगी?
और क्या तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पार्टी के भीतर किसी बड़े बदलाव की भूमिका बना रही है?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में राजद की राजनीति की दिशा तय करेंगे।



