ठंड से राहत के लिए जरूरत मंदों को किया गया कंबल का वितरण
प्रदीप कुमार नायक
मधुबनी जिले के जयनगर रेलवे स्टेशन परिसर में माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचन की ओर से कड़ाके की ठंड के मद्देनजर गरीबों,असहाय और निर्धनों के बीच सैकड़ो कंबल वितरित किए गए।जिसे पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल गए।
स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रदीप कुमार नायक कहते हैं कि पिछले कुछ समय से कड़ाके की ठंड पड़ रही हैं।लोग गर्म कपड़ों में भी ठिठुरन महसूस कर रहे हैं।ऐसे में जिन लोगों के पास पर्याप्त कपड़े नहीं हैं, उनका ठंड से बुरा हाल हैं।इसके मद्देनजर ऐसे गरीब लोगों को ठंड से राहत दिलाने के लिए माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचन की ओर से सैकड़ों कंबल बाटे जा रहें हैं।इससे पूर्व भी कई बार कंबलों का वितरण किया जा चुका हैं।उन्होंने कहाँ की जरूरत को आगे भी ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरण किए जाएंगे।माँ अन्नपूर्णा कम्यूनिटी किचन की जितनी भी प्रशंसा की जाय शायद कम ही होगा।
माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचेन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के अथक प्रयास करने के कारण यह समिति दिन-हू-दिन उचाईयों और प्रगति की ओर बढ़ रहें हैं, जिसकी चर्चा मधुबनी जिला ही नही बल्कि पूरे बिहार सहित नेपाल में भी होने लगी हैं।
यहाँ बताते चले कि जयनगर के युवाओं ने तीन वर्ष पूर्व कोरोना संकट के समय से ही माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचन की शुरुआत की थी, लेकिन अब धीरे-धीरे इस माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचन ने जरूरतमंदों के लिए जयनगर में लंगर लगाकर नि: शुल्क भोजन प्रतिदिन वितरण कर रहें हैं। माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचन के जरिए गरीब-भूखे लोंगो को गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराए जाते हैं।
सच्चा कार्य वही हैं, जो समाज के हित को सर्वोपरि बना सके। इसलिए कहा जाता है कि समाज सेवा का मतलब तलवार की धार पर चलने का कार्य और यह कायरों का काम नहीं। जिंदगी में संघर्ष जरूरी हैं।
मतलब की दुनिया में कौन किसका सोचता है, जो जैसा देखता है वो वैसा खोजता है। ये बात भले ही सच होगी, लेकिन आज भी दुनिया में ऐसे लोग है, जो अपने मतलब और स्वार्थ को पीछे छोड़ किसी और को खुश करने में जी जान से लगे हुए है। हम बात कर रहे है माँ अन्नपूर्णा सेवा समिति की, जो न केवल किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करती है, बल्कि किसी भी इंसान की जान बचने के लिए जहां तक कोशिश की जा सकती है। वहां तक उसका साथ नि:स्वार्थ भाव से देती है। रक्तदान करवाना, किसी गरीब का इलाज करवाना, किसी की पढाई में पैसे लगाना, किसी की छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जरुरत को पूरा करना इत्यादि।
माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचन के मुख्य संयोजक समाजसेवी भाई अमित कुमार राउत ने बताया की हमारी इस संस्था का एक मात्र उदेश्य है कि समाज के निराश्रित एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी वह सुख सुविधाएँ पहुंचाने का प्रयास करना है, जिनसे अभी तक यह अछूता है। इन्ही बातों को आत्मसात करते हुए सभी के सहयोग से कोरोना महामारी के चलते आयी इस विकट परिस्थिति में भी हर जरूरतमंदों की हर सम्भव मदद करने का प्रयास संस्था द्वारा विगत 3वर्षों से किया जा रहा है।
उन्होने बताया की संस्था न केवल जयनगर, बल्कि आसपास के अलावा पडोसी देश नेपाल के भी कई क्षेत्र शामिल हैं। जनसहयोग से सम्पूर्ण हुआ इस आयोजन के माध्यम से आश्रित व जरूरतमंद परिवारों को मुख्य धारा से जोड़ना, यही संस्था का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि माँ अन्नपूर्णा कम्युनिटी किचेन का उद्देश्य हैं कि जयनगर नगर में कोई भी व्यक्ति भोजन के लिए दर-दर न भटके तथा हर जरूरत मंद लोंगो को सरलता से भोजन उपलब्ध हो जाएं।
इस मौके पर संस्था के सदस्यों ने संयुक्त रूप ने कहा कि मनुष्य के जीवन की सार्थकता तब है, जब वह गरीब और असहायों की सेवा करे। मानव जीवन यही सबसे बड़ा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसा करते हैं, वे इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन का सच्चा अर्थ गरीब व जरूरतमंद को मदद करना है। समाज में आपसी भाईचारा के लिये समाज के अग्रणी व प्रतिष्ठित लोगों को सदैव आगे रहना चाहिये। इस बात पर खुशी जाहिर की कि यहाँ हमारी संस्था इस कार्य में पूरी तरह तत्पर है।
संस्था के संरक्षक एवं सदस्य भी खुद कार्यरत हैं, बावजूद इसके यहाँ आकर एक तय समय पर सभी दिन नि:शुल्क श्रमदान कर गरीब, अहसहाय, जरूरतमंद, विकलांग, निःसहाय लोगों को प्रतिदिन शाम को सात बजे जयनगर रेल्वे स्टेशन के ठीक सामने पुराने नगर पंचायत कार्यालय परिसर मे लंगर लगा कर रोज भोजन खिलाते हैं।
इस वर्ष के ठण्ड के मौस…



