गांव और खेत मजबूत होंगे, तभी राष्ट्र बनेगा आत्मनिर्भर” – बिहार डिप्टी CM विजय सिन्हा
अयोध्या। बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अयोध्या में किसानों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि “जब तक भारत के गांव और खेत मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश वास्तव में आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।” उन्होंने किसानों को “देश के असली निर्माता” बताते हुए कृषि को विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ने पर जोर दिया।
क्या कहा विजय सिन्हा ने?
✔ “किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि कृषि उद्यमी बनें।”
✔ “बिहार और UP मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था बदल सकते हैं।”
✔ “ड्रोन, AI और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी से खेती को आधुनिक बनाएं।”
✔ “मोटा अनाज (मिलेट्स) और प्रोटीन युक्त फसलों पर ध्यान दें।”
बिहार की कृषि क्रांति: मुख्य बिंदु
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सीड हब योजना – उन्नत बीजों का वितरण।
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कृषि रोडमैप – फसल विविधीकरण को बढ़ावा।
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डिजिटल कृषि – मौसम पूर्वानुमान और मिट्टी जांच के लिए ऐप।
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एग्री-एक्सपोर्ट हब – बिहार अब धान, मक्का और गेहूं का निर्यातक बन रहा है।
यूपी-बिहार एकजुटता: किसानों के लिए नई उम्मीद
सिन्हा ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार यदि कृषि क्षेत्र में मिलकर काम करें, तो भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय में किसानों से सीधा संवाद किया और चार प्रगतिशील किसानों—मंशाराम, राजबहादुर वर्मा, सुरेंद्र सिंह और रमाशंकर को सम्मानित भी किया।
आगे की राह: क्या है योजना?
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प्रोसेसिंग यूनिट्स – किसानों को फसल की मार्केटिंग में मदद।
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मिलेट्स प्रोत्साहन – पोषण युक्त अनाज की खेती।
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युवाओं को जोड़ना – स्टार्टअप और एग्रीटेक को बढ़ावा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
✅ राजनीतिक संदेश – बिहार-यूपी गठजोड़ की ओर इशारा।
✅ किसान कल्याण – आधुनिक तकनीक और योजनाओं पर फोकस।
✅ मीडिया कवरेज – अयोध्या में किसान सम्मेलन की राष्ट्रीय प्रासंगिकता।



