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कटिहार में RTE घोटाले का खुलासा, चार निजी स्कूलों पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि गबन का केस दर्ज

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RTE घोटाले में कटिहार के 4 निजी स्कूलों पर FIR, फर्जी नामांकन कर सरकारी राशि गबन का आरोप

RTE घोटाले में कटिहार के 4 निजी स्कूलों पर FIR दर्ज होने के बाद जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बिहार के कटिहार जिले में शिक्षा अधिकार कानून (RTE Act) के तहत गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के नामांकन में फर्जीवाड़ा और सरकारी राशि गबन का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने जांच के बाद चार निजी विद्यालयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

कटिहार के जिला पदाधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी ने समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा की गई जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

क्या है पूरा मामला?

RTE Act के तहत निजी स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करनी होती हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में स्कूलों को दिया जाता है।

लेकिन कटिहार में कुछ निजी स्कूलों पर आरोप है कि उन्होंने:

  • फर्जी नामांकन दिखाया
  • अभिभावकों से अवैध शुल्क वसूला
  • सरकारी प्रतिपूर्ति राशि का गलत दावा किया

डीएम के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा जब दावों की जांच कराई गई तो कई गड़बड़ियां सामने आईं।

किन स्कूलों पर दर्ज हुई FIR?

जिन चार निजी स्कूलों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें शामिल हैं:

  • शिक्षा निकेतन, विनोदपुर
  • सीमाब पब्लिक स्कूल, कटिहार
  • जेपी पब्लिक स्कूल, कोढ़ा
  • गॉर्डस ग्रेस पब्लिक स्कूल, फलका

प्रशासन का कहना है कि इन स्कूलों ने फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि का गबन किया है।

अभिभावकों ने खोली पोल

जांच के दौरान कई अभिभावकों से बातचीत की गई। इस दौरान चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

कुछ अभिभावकों ने बताया:

  • उनसे फीस ली गई
  • जबकि RTE के तहत पढ़ाई मुफ्त होनी चाहिए थी
  • कुछ बच्चों का नामांकन सिर्फ कागजों में दिखाया गया

इसी आधार पर जिला प्रशासन ने FIR दर्ज कराने का फैसला लिया।

डीएम ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा:

“सरकारी राशि गबन और फर्जीवाड़ा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि जांच आगे भी जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य संस्थानों की भी जांच हो सकती है।

बाढ़ पूर्व तैयारियों का भी लिया जायजा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीएम ने जिले में बाढ़ पूर्व तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि:

  • कुरसेला प्रखंड के खेरिया घाट
  • बरारी प्रखंड के काढ़ागोला घाट

का निरीक्षण किया गया।

इसके अलावा तटबंधों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

घाटों पर सुरक्षा के सख्त निर्देश

डीएम ने कहा कि जिले के सभी महत्वपूर्ण घाटों पर:

  • दंडाधिकारी की तैनाती
  • पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति
  • नाव संचालन नियमावली का पालन

सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने निर्देश दिया कि नावों का संचालन पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ किया जाए ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

19 मई को लगेगा सहयोग शिविर

कटिहार जिले में 19 मई 2026 को “सहयोगी शिविर” का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियों का भी डीएम ने निरीक्षण किया।

उन्होंने:

  • कुरसेला प्रखंड के पूर्वी मुरादपुर पंचायत भवन
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
  • मनरेगा भवन

का दौरा किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

लोगों की समस्याओं का होगा समाधान

डीएम ने बताया कि शिविर में आम लोगों से आवेदन लिए जा रहे हैं। कई आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है जबकि बाकी मामलों पर जल्द कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा:

“जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं होगा, उनकी जानकारी संबंधित आवेदकों को दी जाएगी।”

वरिष्ठ अधिकारी भी रहेंगे मौजूद

सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिला स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। शिविर के दौरान लोगों को यह भी बताया जाएगा कि उनके आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई है।

प्रशासन का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।

शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

RTE घोटाले के सामने आने के बाद जिले में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • RTE का उद्देश्य गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना है
  • फर्जीवाड़ा इस कानून की भावना के खिलाफ है
  • ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है

निष्कर्ष

RTE घोटाले में कटिहार के 4 निजी स्कूलों पर FIR दर्ज होने से जिले में हड़कंप मच गया है। प्रशासन अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।

वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन बाढ़ पूर्व तैयारियों और आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर भी सक्रिय नजर आ रहा है।

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