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तमिलनाडु में बढ़ा राजनीतिक सस्पेंस, राज्यपाल ने TVK को सरकार बनाने का न्योता देने से किया इनकार

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तमिलनाडु में TVK की राह मुश्किल, राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता ठुकराया

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को लेकर चल रही सरकार गठन की चर्चाओं के बीच खबर आई है कि राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर ने फिलहाल TVK को सरकार बनाने का न्योता देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद आज होने वाला संभावित शपथ ग्रहण समारोह टलने की संभावना बढ़ गई है।

चेन्नई में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर विजय बहुमत का आंकड़ा कैसे जुटाएंगे।

तमिलनाडु चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK

हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने:

  • 34.92 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया
  • 108 सीटों पर जीत दर्ज की
  • राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी

हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत से पार्टी अभी भी पीछे है।

विजय की दो सीटों पर जीत बनी नई चुनौती

विजय ने इस चुनाव में:

  • पेरंबूर
  • तिरुचिरापल्ली ईस्ट

दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। नियमों के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। ऐसे में TVK की प्रभावी सीट संख्या 108 से घटकर 107 रह जाएगी।

इस हिसाब से पार्टी को सरकार बनाने के लिए 11 और विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

कांग्रेस ने दिया समर्थन

चुनाव नतीजों के बाद TVK ने कई विपक्षी दलों से संपर्क शुरू किया। पार्टी ने:

  • कांग्रेस
  • CPI
  • CPI(M)
  • विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK)

से समर्थन मांगा।

सबसे बड़ा राजनीतिक बदलाव तब देखने को मिला जब कांग्रेस ने DMK के साथ अपना लगभग 10 साल पुराना गठबंधन खत्म कर TVK को समर्थन देने का फैसला किया।

राजनीतिक विशेषज्ञ इसे तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव मान रहे हैं।

राजभवन पहुंचे विजय

सूत्रों के मुताबिक, विजय ने खुद राजभवन जाकर राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए एक पत्र सौंपा।

इसके बाद जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी शुरू हो गई थीं। माना जा रहा था कि आज नई सरकार का गठन हो सकता है।

लेकिन अब सामने आई खबरों ने पूरा समीकरण बदल दिया है।

राज्यपाल ने क्यों रोका फैसला?

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने फिलहाल TVK को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने से इनकार कर दिया है।

बताया जा रहा है कि:

  • पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है
  • सहयोगी दलों का समर्थन पूरी तरह लिखित रूप में नहीं मिला
  • राजनीतिक स्थिति अभी अस्थिर मानी जा रही है

इसी कारण राजभवन ने तुरंत सरकार गठन की अनुमति नहीं दी।

VCK का रुख अभी साफ नहीं

TVK के लिए सबसे अहम भूमिका VCK निभा सकती है। पार्टी प्रमुख थोल. थिरुमावलवन ने कहा है कि समर्थन को लेकर अंतिम फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद लिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक:

  • VCK की हाई-लेवल कमेटी बैठक रद्द कर दी गई
  • विजय ने खुद थिरुमावलवन से फोन पर बात की
  • CPI और CPI(M) भी VCK के फैसले पर नजर बनाए हुए हैं

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि VCK समर्थन देती है तो वाम दल भी TVK के साथ आ सकते हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ा सस्पेंस

राज्यपाल के फैसले के बाद अब तमिलनाडु की राजनीति पूरी तरह सस्पेंस में आ गई है। सवाल उठ रहे हैं:

  • क्या विजय बहुमत साबित कर पाएंगे?
  • क्या अन्य दल खुलकर समर्थन देंगे?
  • क्या राज्य में राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति बन सकती है?

इन सवालों के जवाब आने वाले कुछ दिनों में साफ हो सकते हैं।

क्या विजय पहली बार सरकार बना पाएंगे?

TVK पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही थी और पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा। विजय की लोकप्रियता ने युवाओं और नए वोटरों को काफी प्रभावित किया।

लेकिन राजनीति में सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी बनना काफी नहीं होता। बहुमत का आंकड़ा और गठबंधन की मजबूती भी जरूरी होती है।

यही वजह है कि अब विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजनीतिक सहयोग जुटाने की है।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • कांग्रेस का समर्थन TVK के लिए बड़ी ताकत है
  • VCK और वाम दल “किंगमेकर” की भूमिका निभा सकते हैं
  • राज्यपाल का फैसला संवैधानिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है

कुछ विश्लेषक यह भी मानते हैं कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु में तेज राजनीतिक जोड़तोड़ देखने को मिल सकती है।

निष्कर्ष

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर स्थिति बेहद दिलचस्प हो गई है। TVK को सरकार बनाने का न्योता नहीं मिलने से विजय की रणनीति को बड़ा झटका लगा है। हालांकि, समर्थन जुटाने की कोशिशें अभी भी जारी हैं।

अब सबकी नजर VCK और वाम दलों के अगले कदम पर है। यदि विजय बहुमत साबित करने में सफल होते हैं, तो तमिलनाडु को पहली बार TVK की सरकार मिल सकती है।

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