मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट की हत्या, बंगाल की राजनीति में मचा हड़कंप
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के महज 48 घंटे बाद राजनीतिक हिंसा की बड़ी घटना सामने आई है। सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट की हत्या ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। बीजेपी नेता और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ को बुधवार रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। बीजेपी नेताओं ने इसे सुनियोजित राजनीतिक हमला बताया है, जबकि टीएमसी ने भी हत्या की कड़ी निंदा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है।
कैसे हुआ हमला?
जानकारी के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ अपनी कार से मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके से गुजर रहे थे। तभी एक कार और बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद हमलावरों ने उनकी कार को रोका और बेहद करीब से गोलीबारी शुरू कर दी।
रथ ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे थे। हमलावरों ने कार की खिड़की के जरिए उन पर कई गोलियां दागीं। गोली लगते ही कार में अफरा-तफरी मच गई। ड्राइवर को भी गोली लगी और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग दोनों को नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ को कई गोलियां लगी थीं।
डॉक्टर ने बताया:
“उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। सीने में लगी गोलियां दिल तक पहुंच गई थीं जबकि एक गोली पेट में भी लगी थी। उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं था।”
बीजेपी ने बताया टारगेटेड हमला
बीजेपी नेताओं ने इस हत्या को पूरी तरह राजनीतिक साजिश बताया है। बीजेपी विधायक कौस्तव बागची ने अस्पताल में मीडिया से कहा:
“यह एक टारगेटेड हमला था। हमलावर काफी देर तक पीछा करते रहे और फिर गोलियों से भून दिया। जब तक अपराधियों की पहचान नहीं होगी, हम शांत नहीं बैठेंगे।”
बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने भी इस घटना के पीछे राजनीतिक कारण होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और जल्द सच्चाई सामने आएगी।
सुवेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपने करीबी सहयोगी की हत्या को “कोल्ड-ब्लडेड और प्री-प्लान्ड मर्डर” बताया।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा:
“दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। कानून अपना काम करेगा।”
बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलते ही सुवेंदु अधिकारी अस्पताल के लिए रवाना हो गए थे।
चश्मदीद ने बताया पूरी घटना का सच
एक चश्मदीद ने दावा किया कि हमला पूरी तरह पहले से प्लान किया गया लग रहा था।
उसने बताया:
“एक बाइक सवार व्यक्ति अचानक आया और कार के बाईं ओर से गोली चलाने लगा। वह बेहद प्रोफेशनल लग रहा था और तुरंत भाग गया। गोलियां पॉइंट-ब्लैंक रेंज से चलाई गईं।”
चश्मदीद के अनुसार घटना रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हुई।
डीजीपी का बड़ा बयान
पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा:
- घटना में इस्तेमाल 4-व्हीलर जब्त कर लिया गया है
- कार की नंबर प्लेट नकली बताई जा रही है
- मौके से जिंदा और इस्तेमाल किए गए कारतूस मिले हैं
- सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान खंगाले जा रहे हैं
पुलिस हमलावरों की पहचान और हमले के मकसद का पता लगाने में जुटी है।
भवानीपुर चुनाव में निभाई थी अहम भूमिका
पार्टी सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ ने भवानीपुर चुनाव क्षेत्र में सुवेंदु अधिकारी के प्रचार अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत हासिल की थी।
यही कारण है कि बीजेपी इस हमले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है।
TMC ने भी की निंदा
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने भी इस हत्या की कड़ी निंदा की है।
टीएमसी ने अपने बयान में कहा:
“लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं की कोई जगह नहीं है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
पार्टी ने कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की भी मांग की।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा की खबरें सामने आ चुकी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में बीजेपी और टीएमसी के बीच टकराव को और तेज कर सकती है।
क्या बंगाल में बढ़ रही है राजनीतिक हिंसा?
पश्चिम Bengal लंबे समय से राजनीतिक हिंसा के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। चुनाव के दौरान और उसके बाद कई बार कार्यकर्ताओं पर हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट की हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बीजेपी इसे सुनियोजित हमला बता रही है, जबकि पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है।
अब पूरे राज्य की नजर इस मामले की जांच और दोषियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।



