Home अररिया अररिया में शिक्षा का नया मॉडल, स्मार्ट क्लास से बच्चों को मिलेगा आधुनिक सीखने का अनुभव

अररिया में शिक्षा का नया मॉडल, स्मार्ट क्लास से बच्चों को मिलेगा आधुनिक सीखने का अनुभव

1 second read
Comments Off on अररिया में शिक्षा का नया मॉडल, स्मार्ट क्लास से बच्चों को मिलेगा आधुनिक सीखने का अनुभव
0
1
smart class araria

स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देना समय की जरूरत, अररिया में शिक्षा का नया मॉडल

स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देना समय की जरूरत बन चुका है। बदलते दौर और आधुनिक तकनीक के इस युग में अब पारंपरिक शिक्षा प्रणाली के साथ डिजिटल और इंटरैक्टिव लर्निंग को भी जरूरी माना जा रहा है। इसी सोच के साथ बिहार के अररिया जिले के सबसे पुराने निजी विद्यालय गर्ल्स आइडियल एकेडमी में शिक्षकों के लिए एक दिवसीय आधुनिक शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षा नीति और स्मार्ट क्लासरूम तकनीक के अनुसार तैयार करना था ताकि बच्चों को आधुनिक और बेहतर शिक्षा मिल सके।

आधुनिक शिक्षा पर विशेष प्रशिक्षण

विद्यालय में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लीड ग्रुप के एकेडमिक कोच और प्रशिक्षक अजितेश कुमार ने शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा:

“आज का दौर प्रतियोगिता का दौर है। यदि हम समय के अनुसार खुद को नहीं बदलेंगे तो भविष्य में शिक्षकों और छात्रों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।”

उन्होंने यह भी बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी कारण स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पहली से आठवीं तक स्मार्ट क्लास की शुरुआत

गर्ल्स आइडियल एकेडमी के संस्थापक और निदेशक प्रो. एमए मुजीब ने बताया कि स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में बदल दिया गया है।

अब बच्चों को पढ़ाने के लिए:

  • मोबाइल
  • टैबलेट
  • स्मार्ट टीवी
  • डिजिटल कंटेंट

का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह अररिया जिले का पहला निजी स्कूल है जहां लीड ग्रुप के सहयोग से आधुनिक तकनीक के जरिए पढ़ाई की व्यवस्था शुरू की गई है।

मल्टी मॉडल शिक्षा पर जोर

स्कूल प्रशासन का कहना है कि अब बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। नई प्रणाली के तहत बच्चों को:

  • ऑडियो-विजुअल कंटेंट
  • प्रैक्टिकल एक्टिविटी
  • इंटरैक्टिव लर्निंग
  • डिजिटल अभ्यास

के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।

इससे बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता दोनों बेहतर होगी।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि नई शिक्षा नीति (NEP) में तकनीक आधारित शिक्षा को काफी महत्व दिया गया है।

इस पहल के जरिए:

  • बच्चों की रचनात्मकता बढ़ेगी
  • सीखने में रुचि बढ़ेगी
  • डिजिटल ज्ञान मजबूत होगा
  • प्रैक्टिकल समझ विकसित होगी

यही वजह है कि अब कई स्कूल स्मार्ट क्लास की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

शिक्षकों को भी मिलेगा फायदा

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों ने बताया कि स्मार्ट क्लास तकनीक से पढ़ाना ज्यादा आसान और प्रभावी हो जाएगा।

इस दौरान जिन शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया उनमें शामिल थे:

  • अबुल कलाम
  • प्रभात चंद सिंह
  • इफ्तेखार आलम
  • नंद किशोर चौधरी
  • अजय कुमार
  • आदिल हुसैन
  • माहे नाज
  • नुसरत परवीन
  • नायाब गुलशन
  • संविदा परवीन
  • अलविना सानवी
  • आलिया परवीन

शिक्षकों ने माना कि आधुनिक तकनीक के जरिए बच्चों को पढ़ाना आज की जरूरत है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा की नई शुरुआत

अररिया जैसे जिलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत को शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी आधुनिक शिक्षा मिल सकेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • डिजिटल शिक्षा से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है
  • तकनीक की समझ मजबूत होती है
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बेहतर होती है

भविष्य की शिक्षा होगी तकनीक आधारित

आज दुनिया तेजी से डिजिटल होती जा रही है। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र में भी तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।

स्मार्ट क्लास के जरिए:

  • कठिन विषयों को आसान बनाया जा सकता है
  • बच्चों को वीडियो और ग्राफिक्स से समझाया जा सकता है
  • पढ़ाई को ज्यादा रोचक बनाया जा सकता है

इसी वजह से अब स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल स्क्रीन और टैबलेट आधारित पढ़ाई तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

निष्कर्ष

स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देना समय की जरूरत है और अररिया का यह प्रयास शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है। गर्ल्स आइडियल एकेडमी द्वारा शुरू की गई यह पहल आने वाले समय में दूसरे स्कूलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धति के जरिए बच्चों को बेहतर, रोचक और व्यावहारिक शिक्षा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

Load More Related Articles
Load More By Seemanchal Live
Load More In अररिया
Comments are closed.

Check Also

कटिहार में RTE घोटाले का खुलासा, चार निजी स्कूलों पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि गबन का केस दर्ज

RTE घोटाले में कटिहार के 4 निजी स्कूलों पर FIR, फर्जी नामांकन कर सरकारी राशि गबन का आरोप R…