Home किशनगंज किशनगंज: कूड़े की ढेर में मिला सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों का मूल प्रवेश पत्र, 60 शिक्षकों का अभी भी गायब…

किशनगंज: कूड़े की ढेर में मिला सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों का मूल प्रवेश पत्र, 60 शिक्षकों का अभी भी गायब…

8 second read
Comments Off on किशनगंज: कूड़े की ढेर में मिला सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों का मूल प्रवेश पत्र, 60 शिक्षकों का अभी भी गायब…
0
59
kishanganj teacher news 300x169 1

किशनगंज: कूड़े की ढेर में मिला सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों का मूल प्रवेश पत्र, 60 शिक्षकों का अभी भी गायब…

Bihar Teacher News: किशनगंज जिला के ठाकुरगंज प्रखंड में करीब 700 नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा का प्रवेश पत्र गायब थे. काफी हो-हल्ले के बाद खोजबीन के दौरान रोलबाग मोहल्ला स्थित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना कार्यालय के पुराने भवन के कूड़ेदान में 630 नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा का मूल प्रवेश पत्र बरामद हुआ है.

 किशनगंज जिला के ठाकुरगंज प्रखंड में करीब 700 नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा का प्रवेश पत्र गायब थे. काफी हो-हल्ले के बाद खोजबीन के दौरान रोलबाग मोहल्ला स्थित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना कार्यालय के पुराने भवन के कूड़ेदान में 630 नियोजित शिक्षकों की सक्षमता परीक्षा का मूल प्रवेश पत्र बरामद हुआ है. हालांकि अभी भी 60 कार्ड गायब बताए जा रहे है.

क्या है मामला ?

शिक्षा विभाग का आदेश है की सक्षमता परीक्षा में उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों को काउंसलिंग के लिए उनका एडमिट कार्ड सौंप दिया जाए. यह एडमिट कार्ड उन्हें प्रखंड संसाधन केंद्र में उपलब्ध करवाने का आदेश दिया गया है. इस आदेश के बाद किशनगंज जिले के छह प्रखंडों के शिक्षकों को एडमिड कार्ड तो मिल गया.

लेकिन, काफी इंतजार के बाद भी ठाकुरगंज प्रखंड के सैकड़ों शिक्षकों का एडमिट कार्ड उन्हें सौंपने की तारीख की घोषणा नहीं की गई. फिर जब छानबीन शुरू की गई तो यह जानकारी मिली कि ठाकुरगंज प्रखंड के शिक्षकों का एडमिट कार्ड जिला शिक्षा कार्यालय में मिल हीं नहीं रहा है. जिसके बाद शिक्षकों में चिंता व्याप्त हो गई. वहीं प्रखंड शिक्षा कार्यालय के कर्मी भी चिंतित हो उठे.

क्यों जरूरी है एडमिट कार्ड?

बताते चलें कि शिक्षा विभाग ने फरवरी 2024 में सक्षमता परीक्षा का आयोजन किया था. परीक्षा में सफल हुए नियोजित शिक्षकों का मार्च माह में वेरिफिकेशन के दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना के कार्यालय में सक्षमता परीक्षा का मूल प्रवेश पत्र बीआरसी के लिपिकों के माध्यम से जमा लिया गया था. उस प्रवेश पत्र का उपयोग अब काउंसलिंग में करना है.

एक अगस्त से है काउंसिलिंग

एक अगस्त से सक्षमता परीक्षा में उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों के लिये जिले में काउंसिलिंग होना है. नियोजित शिक्षकों को काउंसिलिंग में मूल प्रमाण-पत्र के साथ सक्षमता परीक्षा का मूल प्रवेश-पत्र लाना भी अनिवार्य है.

कार्ड गायब होने के बाद सक्रिय हुआ शिक्षा विभाग

जब जिले के सभी प्रखंडों के कार्ड शिक्षकों को मिल गए लेकिन काफी खोजने के बाद भी ठाकुरगंज के कार्ड नहीं मिल रहे थे. फिर सोशल मीडिया पर हो- हल्ला शुरू हुआ. उसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नूपुर कुमारी ने आनन-फानन में ठाकुरगंज प्रखंड के लेखा सहायक सुमित कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के लिपिक साकेत सुमन के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्यालय से गायब हुए प्रमाण-पत्रों को अविलंब उपलब्ध करवाने का आदेश दिया.

एफआईआर की धमकी

इस नोटिस में उन दोनों लिपिकों के विरुद्ध एफआईआर तक करवाने की धमकी दी गई. नोटिस के बाद जब कल विभाग के रौलबाग स्थित पुराने कार्यालय में खोजबीन शुरू की गई तो कार्यालय में पड़े रद्दी काग़ज़ों और कूड़े से सैकड़ों मूल प्रमाण पत्र बरामद हुए.

70 प्रमाण पत्र अभी भी हैं ग़ायब

बताया जा रहा है कि ठाकुरगंज के नियोजित शिक्षकों के लगभग 700 मूल प्रवेश प्रमाण पत्रों में से लगभग 630 प्रमाण-पत्र मिले हैं. जबकि अब भी 70 से अधिक प्रमाणपत्र गायब बताए जा रहे हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी

इस मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नूपुर कुमारी ने बताया कि ठाकुरगंज प्रखंड की फाइल गायब जरूर थी लेकिन अब मिल गई है. हालांकि उन्होंने कार्ड गायब होने की बात मानने से इंकार कर दिया.

कार्ड की गिनती जारी – बीईओ

इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुमकुम मल्लिक ने बताया कि कल तीन फाइलों में कुछ कार्ड मिले हैं जिन्हें मिलाया जा रहा है. हालांकि कुछ कार्ड नहीं मिल रहे हे उन्हें भी कूड़े के ढेर से खोजकर लाने का प्रयास किया जाएगा.

 

Load More Related Articles
Load More By Seemanchal Live
Load More In किशनगंज
Comments are closed.

Check Also

एक ही ट्रेन में असली और नकली TTE बागमती एक्सप्रेस में यात्रियों से अवैध वसूली करता शिक्षक रंगे हाथों पकड़ा गया

बिहार फर्जी TTE मामला एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा और सतर्कता का उदाहरण बन गया है। …