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‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा?

‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा? Amazon founder Jeff Bezos: अमेजन के फाउंडर ने एक समिट के दौरान बताया कि उन्हें "डिसआर्गेनाइज्ड" स्टाइल मीटिंग पसंद है और मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती। चलिए जानें Jeff Bezos ने ऐसा क्यों कहा... Amazon founder Jeff

‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा?

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‘मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती’ Amazon के फाउंडर Jeff Bezos ने क्यों कहा ऐसा? Amazon founder Jeff Bezos: अमेजन के फाउंडर ने एक समिट के दौरान बताया कि उन्हें "डिसआर्गेनाइज्ड" स्टाइल मीटिंग पसंद है और मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती। चलिए जानें Jeff Bezos ने ऐसा क्यों कहा... Amazon founder Jeff Bezos: क्या आप जानते हैं Amazon के फाउंडर जेफ बेजोस मीटिंग के अपने खास अंदाज के लिए काफी ज्यादा पॉपुलर हैं। उनकी मीटिंग में सबसे ज्यादा फोकस इन-डेप्थ डिस्कशन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देना पर रहता है। जेफ बेजोस मीटिंग की शुरुआत में ही सभी पार्टिसिपेंट्स को 6 पन्नों का एक दस्तावेज पढ़ने के लिए कहते हैं। इससे सभी को जरूरी जानकारी मिलती है और चर्चा के लिए एक मजबूत बेस तैयार हो जाता है लेकिन न्यू यॉर्क टाइम्स DealBook समिट के दौरान उन्होंने यह कहा कि मीटिंग का अव्यवस्थित होना भी काफी ज्यादा अच्छा होगा है। चलिए जानें कैसे… बेजोस का “डिसआर्गेनाइज्ड” स्टाइल बेजोस का कहना है कि मीटिंग में कभी-कभी मुद्दों का भटकना और अलग-अलग विचारों को जगह देना काफी इम्पोर्टेन्ट होता है। यह प्रोसेस नई सोच और नए विचारों को बढ़ावा देता है। यह हर लेवल के लोगों को अपनी राय रखने के लिए इनकरेज करता है। बेजोस का कहना है कि “मुझे मीटिंग में विषयों का भटकना अच्छा लगता है। मैं तब तक मीटिंग खत्म नहीं करता जब तक हम पूरी तरह से काम खत्म नहीं कर लेते।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हर मीटिंग ऐसी नहीं हो सकती। मीटिंग सिर्फ काम के लिए नहीं होती बेजोस का कहना है कि मीटिंग सिर्फ प्रोडक्टिविटी नहीं बढ़ाती बल्कि ये आपसी रिलेशन्स को भी मजबूत करती हैं। डिफिकल्ट इशू पर खुलकर बात करने से टीम के बीच भरोसा बढ़ता है और मनोबल बना रहता है। यही नहीं बदलाव और कंपनी जिस चैलेंज को फेस कर रही है, उस पर ईमानदारी से बात करना काफी जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एक लीडर को हमेशा पॉजिटिव रहना चाहिए। बेजोस ने कहा कि एक नेगेटिव सोच वाला फाउंडर कभी सफलता हासिल नहीं कर सकता। लीडरशिप की असली पहचान बेजोस का तरीका बताता है कि क्रिएटिविटी और पाजिटिविटी किसी भी टीम या कंपनी की सफलता के लिए कितनी जरूरी है। उनके विचार यह सिखाते हैं कि मुश्किल टाइम में भी ऊर्जा और उम्मीद बनाए रखना Leadership की असली पहचान है।

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